शेयर बाजार में एक कंपनी को लेकर नया डर फैल गया है, जिस कारण कंपनी के स्टॉक एक ही झटके में 16 फीसदी से ज्यादा टूट गए. यह शेयर कोई और नहीं बल्कि KPIT Tech लिमिटेड है. आज भारी गिरावट के दौरान इस शेयर में कई बार लोअर सर्किट लगे और ये नीचे जाता रहा.
केपीआईटी टेक के शेयरों में आई भारी गिरावट अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी आय की चेतावनी के बाद आई है. कंपनी ने संकेत दिया कि कमजोर कारोबारी परिस्थितियां सितंबर तिमाही तक बनी रह सकती हैं. कंपनी ने आगे कहा कि उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में राजस्व पहली तिमाही के समान ही रहेगा, जो यह दर्शाता है कि निकट भविष्य में आई कमजोरी के बने रहने की संभावना है.
सबसे ज्यादा नुकसान कराने वाला शेयर
दोपहर 12 बजे कंपनी के शेयर 16.18% टूटकर 562.90 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे. इस गिरावट के साथ ही यह शेयर बीएसई मिडकैप में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर बन चुका है. पिछले एक साल में इस शेयर में 54 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी 50 में केवल 6.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
ब्लॉक डील के कारण भी गिरावट
आय पर चेतवानी के अलावा, कंपनी के शेयरों में एक और बड़ी वजह ब्लॉक डील रही. कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.24 प्रतिशत यानी 62.61 लाख शेयर ब्लॉक डील के माध्यम से औसतन 375 रुपये प्रति शेयर की दर पर बेचे गए. इस ट्रांजैक्शन की वैल्यू करीब 362.4 करोड़ रुपये रही.
ब्रोकरेज ने डाउनग्रेड की रेटिंग
कंपनी के अपडेट के बाद, जेपी मॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजीज की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से घटाकर 'अंडरवेट' कर दिया और इसके टारगेट प्राइस को 700 रुपये प्रति शेयर से 21 फीसदी घटाकर करीब 550 रुपये प्रति शेयर कर दिया. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि अब उसे उम्मीद है कि KPIT टेक की पहली तिमाही का रेवेन्यू और मार्जिन उसके पहले के अनुमानों से कम रहेगा. फर्म का अनुमान है कि डॉलर राजस्व में सालाना आधार पर 1 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जो यूरोपीय ऑटोमोटिव प्राइस प्रोडक्ट्स निर्माताओं (OEM) द्वारा कम खर्च को दिखाती है.
जेपी मॉर्गन के अनुसार, यह कमजोरी मुख्य रूप से BMW और वोक्सवैगन में खर्च में कटौती के कारण है, जिसमें BMW का कंट्रीब्यूशन KPIT के राजस्व में लगभग 12 प्रतिशत है. ब्रोकरेज फर्म को जून तिमाही में EBITDA और नेट प्रॉफिट मार्जिन में भारी गिरावट की भी उम्मीद है, साथ ही यह भी कहा गया है कि शॉर्ट टर्म में लागत में कटौती को लागू करना मुश्किल होगा.
आगे की बात करें तो, जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही कमजोर रहेगी और चौथी तिमाही में ही बढ़ोतरी की संभावना है. कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए लगातार दूसरा वर्ष हो सकता है जब राजस्व में स्वाभाविक गिरावट दर्ज की जाएगी.
कमजोर नजरिए को दिखाते हुए ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2027-2029 के लिए अपने राजस्व अनुमानों में 5-8 प्रतिशत की कटौती की, ईबीआईटीडीए मार्जिन अनुमानों में 20-270 आधार अंकों की कमी की, प्रति शेयर आय अनुमानों में 9-22 प्रतिशत की कमी की और अपने टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो को 21 गुना से घटाकर 17 गुना कर दिया.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)