कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और अब मध्य-पूर्व में जंग, इन सभी की वजह से दुनियाभर के देशों के विकास पर असर पड़ा है. जहां कई देशों की विकास दर धीमी पड़ गई है, वहीं कई देशों की ग्रोथ नेगेटिव है. लेकिन इन सभी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था सरपट दौड़ रही है. देश में तेजी से विकास हो रहा है. इस विकास का फायदा न सिर्फ भारत के लोगों को मिल रहा है, बल्कि दुनिया के देश भी इसका लाभ उठा रहे हैं. भारत अब दुनिया भर के विकास का इंजन बनता जा रहा है, जिसका लाभ हर किसी को मिल रहा है.
दुनिया में बड़ा बदलाव ला रहा भारत
1. अर्थव्यवस्था: भारत का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 4.15 ट्रिलियन डॉलर का है. भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिससे आगे अब अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और यूके हैं. पिछले तीन सालों में भारत की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी या उससे ज्यादा की दर से आगे बढ़ी है. इस साल भी विकास दर 6 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान है. मतलब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, जिसका लाभ न सिर्फ भारतीयों को बल्कि दुनिया को भी मिल रहा है.
2. UPI: यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI इतना लोकप्रिय है कि भारत अब सबसे बड़ा 'रियल टाइम पेमेंट' मार्केट बन गया है. यह हर साल 24 हजार करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. दुनिया भर में होने वाले सभी रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट का लगभग आधा हिस्सा इसी के जरिए होता है. UPI से पेमेंट न सिर्फ भारत में बल्कि अब सिंगापुर, फ्रांस, यूएई, कतर, कंबोडिया, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल और भूटान में भी होता है. UPI को साल 2016 में रिजर्व बैंक और बैंकिंग इंडस्ट्री के बीच सहयोग से लॉन्च किया गया था. यह ऐप के जरिए काम करने वाला पेमेंट सिस्टम है, जिससे यूजर एक स्टेप में पैसे भेज या पा सकता है, साथ ही बिलों का भुगतान कर सकता है.
3. आईटी सेवा: भारत का IT सेक्टर अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, जो ग्लोबल आउटसोर्सिंग और डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ा रहा है. सालाना 250 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू पैदा करने वाला यह सेक्टर देश की GDP में लगभग 7.5% का योगदान देता है, साथ ही 50 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल्स को रोजगार देता है. भारत के IT सेक्टर का लाभ उठाने वालों में दुनिया के विकसित देश अमेरिका और ब्रिटेन से लेकर विकासशील देश इंडोनेशिया और वियतनाम तक शामिल हैं.
4. अरबपति: भारत में मौजूदा समय में 229 से 308 अरबपति हैं, जिससे यह वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है. इस मामले में देश केवल अमेरिका और चीन से पीछे है. फोर्ब्स ने 2026 की अपनी लिस्ट में 229 भारतीय अरबपतियों को जगह दी है, जिनकी कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है. वहीं हुरुन ने भारत में अरबपतियों की संख्या 308 बताई है, जो पिछले साल से 24 ज्यादा है. ये अरबपति न सिर्फ भारत के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं, बल्कि दुनियाभर में भारी-भरकम निवेश के जरिए बदलाव ला रहे हैं.
5. मनोरंजन उद्योग: टिकट बिक्री और फिल्मों के प्रोडक्शन के मामले में भारत की फिल्म इंडस्ट्री दुनियाभर में नंबर वन पर है. भारत का फिल्म उद्योग तीन अरब डॉलर का है. यहां सालाना हॉलीवुड के मुकाबले पांच गुना ज्यादा यानी हर साल 20 से अधिक भाषाओं में लगभग 1,800 से 2,000 फिल्में बनती हैं. ये फिल्में न सिर्फ भारत के सिनेमाघरों में दिखाई जाती हैं बल्कि दुनियाभर के थिएटरों में भी रिलीज होती हैं. भारतीय सिनेमा का दुनिया के देशों पर किस कदर असर है, इससे हर भारतीय सिनेप्रेमी वाकिफ है.
6. पर्यटन: भारत का ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर एक आर्थिक ताकत है, जो देश की GDP में 5.2 फीसदी से ज्यादा का योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराता है. इस मार्केट में घरेलू टूरिज्म का दबदबा है, जो ट्रैवल पर होने वाले कुल खर्च का लगभग 88 फीसदी है. वहीं विदेशी पर्यटकों के आने की संख्या में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. साल 2025 में जहां कुल 90 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक भारत घूमने आए, वहीं इस साल अभी तक 36 लाख से ज्यादा सैलानी यहां आ चुके हैं.
7. विदेशों में भारतीय: भारत के बाहर लगभग 3 करोड़ 54 लाख भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं. यह समुदाय लगभग बराबर हिस्सों में बंटा हुआ है. एक तरफ भारतीय पासपोर्ट रखने वाले अनिवासी भारतीय हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेशी नागरिकता वाले भारतीय मूल के लोग हैं, जो दुनिया के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं. केवल अमेरिका में ही 49 से 54 लाख भारतीय रहते हैं, जो एशिया के बाहर भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी है. यह अमेरिका की कुल आबादी का लगभग 1.5 फीसदी और एशियाई-अमेरिकी आबादी का लगभग 20% हिस्सा है.
8. आबादी: भारत जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ चुका है और यह दुनिया का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है. भारत की कुल आबादी अभी लगभग 1 अरब 47 करोड़ है. इसके साथ ही भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जिसमें 15 से 29 साल की उम्र के लगभग 37.1 करोड़ लोग शामिल हैं. कुल मिलाकर, देश की 50% से ज्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है और 65% से ज्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है, जो न सिर्फ देश के विकास की गाथा लिख रही है, बल्कि दुनियाभर में बेहतरी लाने के लिए भी काम कर रही है.