जीडीपी (GDP) यानी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) किसी देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख संकेतक है. यह एक निश्चित समय अवधि (आमतौर पर एक वर्ष या तिमाही) में किसी देश में उत्पन्न सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य (Total Monetary Value) को दर्शाता है.
जीडीपी के मुख्य घटक होते हैं- निजी उपभोग (Private Consumption - C)- जनता द्वारा खरीदी गई वस्तुएं और सेवाएं. निवेश (Investment - I)- कंपनियों द्वारा मशीनरी, भवन, फैक्ट्री आदि में किया गया निवेश और सरकारी व्यय (Government Spending - G): सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर खर्च.
तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का बाहरी क्षेत्र काफी मजबूत स्थिति में बना हुआ है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियों और मजबूत पूंजी प्रवाह के चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर है.
दुनिया के कई देश बढ़ते कर्ज और महंगाई से जूझ रहे हैं. ऐसे में भारत सरकार ने भविष्य में आर्थिक दबाव से बचने के लिए कर्ज घटाने का लक्ष्य तय किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार 2030 तक राष्ट्रीय कर्ज को जीडीपी के 50 फीसदी तक सीमित करना चाहती है.
Good News For India: भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार पर वर्ल्ड बैंक से लेकर आईएमएफ तक ने मोहर लगाई है. इस बीच दिग्गज एक्सपर्ट कहते हुए नजर आ रहे हैं कि भारत की प्रति व्यक्ति GDP अब अमीर देशों के बराबर पहुंच रही है.
IMF On Indian Economy: बीते दिनों आईएमएफ ने भारतीय इकोनॉमी की तेज रफ्तार पर भरोसा जताते हुए India GDP Growth के अनुमान में इजाफा किया था. अब भारतीय अर्थव्यवस्था की एक बार फिर से तारीफ की है.
IMF On India GDP Growth: चीन हो, अमेरिका हो या फिर रूस और ब्रिटेन, भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार के आगे कोई टिकने वाला नहीं है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने एक बार फिर इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार पर अपनी मोहर लगाई है.
RBI MPC Meeting के नतीजों का ऐलान करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने FY27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर जताए गए पूर्वानुमान को बढ़ाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि तमाम ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज रहेगी.
भारत की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों का भरोसा उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रहा. भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो साल में करीब 40 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी बाहर निकल चुकी है. बर्नस्टीन रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, अब सिर्फ मजबूत GDP ग्रोथ विदेशी निवेशकों को भारत की ओर खींचने के लिए काफी नहीं है.
Global Debt बढ़ रहा है और ये 365 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच चुका है. अब सरकार को इस भारी-भरकम कर्ज को चुकाने में अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ रहा है.
Good News For Indian Economy: भारत की अर्थव्यवस्था जोरदार तेजी से आगे बढ़ रही है और इकोनॉमी को लेकर एक के बाद एक गुड न्यूज आ रही हैं. एक ही दिन में तीन ग्लोबल एजेंसियों ने India GDP Growth अनुमान को बढ़ा दिया है.
India’s Manufacturing Dream: मैन्युफैक्चरिंग के बल पर ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहा है. इसी कड़ी में भारत ने 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'PLI स्कीम' जैसे नारों के साथ अपनी औद्योगिक रफ्तार तो बढ़ाई है.
भारत की GDP को लेकर अजित डोभाल ने अगले 20 साल का अनुमान बताया है. IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में उन्होंने छात्रों से साहस के साथ आगे बढ़ने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सिक्किम में मिले शेरपा के तीन मंत्र भी साझा किए.
मूडीज ने भारत की जीडीपी को लेकर बड़ा टारगेट दिया है. जीडीपी अनुमान को लेकर मूडीज ने कहा है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रफ्तार G20 देशों में सबसे तेज हो सकती है.
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अमेरिकी अर्थशास्त्री ने बड़ा अनुमान जताया है और कहा है कि आने वाले 25 सालों India अमेरिका को भी पीछे छोड़ नंबर-1 पायदान पर पहुंच जाएगा.
भारत की GDP ग्रोथ को लेकर जारी बहस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताजा टिप्पणी अहम है. IMF ने भारत के नए आर्थिक डेटा सिस्टम को सकारात्मक बताया है और कहा है कि अपडेटेड IIP और PPI सीरीज से GDP के अनुमान और बेहतर हो सकते हैं.
दूसरे देश किस तरह से जीडीपी को मापते हैं? इसी साल मई में UN के बनाए एक एक्सपर्ट ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में GDP से हटकर तरक्की को मापने के लिए ग्लोबल नियम को लागू करने की सिफारिश की थी.
भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP ग्रोथ दर्ज की है. इस शानदार आंकड़े के बीच GDP की गणना और नई सीरीज को लेकर सवाल भी उठे. पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और कांग्रेस ने आंकड़ों पर सवाल खड़े किए, जबकि दो बड़े अर्थशास्त्रियों सुरजीत भल्ला और मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने हेरफेर के आरोपों को खारिज किया. हालांकि, दोनों ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए मौजूदा ग्रोथ से कहीं तेज आर्थिक रफ्तार जरूरी होगी.
मायावती ने जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि विकास का असली फायदा गरीब और मेहनतकश जनता को मिलना चाहिए. अगर विकास का फायदा लोगों को नहीं मिलेगा, उन्हें अपनी जिंदगी में बदलाव महसूस नहीं होगा, तो करीब 140 करोड़ लोगों को 'धनवान सरकार की गरीब जनता' होने का बोझ ढोना पड़ेगा.
भारत की रियल फील जीडीपी ग्रोथ काफी कम है, जबकि यूरोप का ये आंकड़ा काफी ज्यादा है. यह दावा शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का है. उनका यह बयान तब आया है, जब जीडीपी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं.
भारत के सर्विस सेक्टर में अगस्त के दौरान कारोबार की रफ्तार थोड़ी बढ़ी है. HSBC इंडिया सर्विसेज PMI जुलाई के 53.3 से बढ़कर 54.1 पर पहुंच गया. नए ग्राहक और ऑर्डर मिलने से कंपनियों को सहारा मिला. रोजगार के मोर्चे पर भी अच्छी खबर रही और नई नौकरियां देने की रफ्तार 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई.
भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और कांग्रेस की आलोचना को वर्ल्ड बैंक के ईडी नीलकंठ मिश्रा ने 'अल्पज्ञान और सरासर गलत' बताया. गर्ग के दावों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने सरकार पर अर्थव्यवस्था की तस्वीर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया है. वहीं नीलकंठ मिश्रा ने वाहन बिक्री, कर्ज, टैक्स कलेक्शन और निवेश के आंकड़ों के आधार पर अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा किया है.
भारत की पहली तिमाही की GDP ग्रोथ 7.8% रहने के बाद आंकड़ों की गणना को लेकर बहस तेज हो गई है. आजतक के डिबेट शो 'दंगल' में पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य गौरव वल्लभ इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्क रखे. गर्ग ने पुराने और नए आंकड़ों के अंतर का हवाला देते हुए 2.6% ग्रोथ का दावा किया, जबकि वल्लभ ने नई GDP सीरीज और बदली गणना पद्धति का बचाव किया.