जीडीपी (GDP) यानी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) किसी देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख संकेतक है. यह एक निश्चित समय अवधि (आमतौर पर एक वर्ष या तिमाही) में किसी देश में उत्पन्न सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य (Total Monetary Value) को दर्शाता है.
जीडीपी के मुख्य घटक होते हैं- निजी उपभोग (Private Consumption - C)- जनता द्वारा खरीदी गई वस्तुएं और सेवाएं. निवेश (Investment - I)- कंपनियों द्वारा मशीनरी, भवन, फैक्ट्री आदि में किया गया निवेश और सरकारी व्यय (Government Spending - G): सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि पर खर्च.
Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस. सरकार बनाएगी Infrastructure Risk Fund और 5 लाख+ आबादी वाले शहरों के infra projects को मिलेगा खास सपोर्ट. जानें FM के बड़े ऐलान.
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में बच्चों और युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत पर गहरी चिंता जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया और गेमिंग से न केवल मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, बल्कि कार्यक्षमता घटने से अर्थव्यवस्था को भी नुकसान हो रहा है. इसे लेकरअब उम्र-आधारित नियमों और डिजिटल डाइट जैसे कड़े कदम उठाए जाने चाहिए.
IMF On India GDP: भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में शामिल है और इसकी ये रफ्तार लगातार जारी रहने वाली है. आईएमएफ ने ट्रंप की टैरिफ टेंशन के बीच India GDP Growth के अनुमान में इजाफा करके गुड न्यूज दी है.
Donald Trump का टैरिफ भी फेल... भारत करेगा कमाल, IMF को Indian Economy पर भरोसा
Good News For Indian Economy: ट्रंप टैरिफ अटैक से लेकर US-Iran में तनाव से भले ही ग्लोबल टेंशन चरम पर है, लेकिन भारतीय इकोनॉमी को लेकर एक के बाद एक गुड न्यूज आ रही हैं. पहले वर्ल्ड बैंक ने India GDP Growth का अनुमान बढ़ाया, तो अब Deloitte ने भी भारत का लोहा माना है.
Donald Trump के टैरिफ अटैक के बीच भारत के लिए विदेश से गुड न्यूज आई है. वर्ल्ड बैंक ने इंडियन इकोनॉमी के ग्रोथ रेट (India's Growth Rate) के अनुमान में तगड़ा इजाफा करते हुए अपना भरोसा कायम रखा है.
Trump Tariff tension के बावजूद भारत की economy मजबूत. World Bank ने FY2026 के लिए India GDP growth अनुमान बढ़ाकर 7.2% किया, घरेलू डिमांड पर जताया भरोसा.
जीडीपी के ताजा अनुमान सामने आते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की आर्थिक नीतियों का भरोसा जताया है. 2026 में 7.4 फीसदी ग्रोथ के अनुमान को उन्होंने सुधारों की रफ्तार से जोड़ा. निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और मांग आधारित नीतियों के सहारे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने का दावा किया गया है.
भारत की अर्थव्यवस्था में शानदार तेजी का अनुमान आया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2026 में 7.4 फीसदी की तेजी से बढ़ेगी.
अनुमान है कि भारत 2030 तक जर्मनी को भी पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा. सरकार ने भरोसा जताया है कि मजबूत आर्थिक नींव के साथ, भारत की जीडीपी 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी.
भारतीय रिजर्व बैंक ने आज रेपो रेट में कटौती करते हुए रेपो रेट को घटाकर 5.25 फीसदी कर दिया है, जो पहले 5.50 फीसदी थी. इसके साथ ही महंगाई को 2 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया है.
India-US Trade Deal को लेकर विदेशी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा ने बड़ी बात कही है. ताजा नोट में 20% US Tariff से लेकर आरबीआई द्वारा Repo Rate में 25 पॉइंट की कटौती का अनुमान भी जताया गया है.
भारतीय अर्थव्यवस्था को रोकने के लिए ट्रंप ने चाल चली थी, उसे सरकार ने अपने प्लान-बी से फ्लॉप कर दिया, और भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में दूसरी तिमाही में जीडीपी के आंकड़े ट्रंप की दबाव नीति को करारा जवाब है.
GDP Impact On Share Market: भारत की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, तो वहीं इसका असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर भी तेजी के रूप में देखने को मिला है.
From Boom to Bust:: अब चीन संकट में है, रियल एस्टेट ने बेचैन कर गिया है, तरक्की की रफ्तार थम-सी गई है. क्योंकि जो रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) 20 वर्षों तक देश की आर्थिक मशीनरी का मुख्य इंजन रहा, वो अब हांफ रहा है.
Stock Market: अब जीडीपी के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है तो फिर सोमवार को बाजार भी लोगों का सरप्राइज कर सकता है. क्योंकि दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ के आंकड़े पिछले 6 तिमाही में सबसे ज्यादा है.
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 8.2 प्रतिशत बढ़ा जो पिछले साल की तुलना में काफी उच्च रहा. यह तेजी दर्शाती है कि भारत की आर्थिक वृद्धि काफी मजबूत है और निरंतर विकास के रास्ते पर है.
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए तेजी से बढ़ी है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी 8.2% बढ़ी, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 5.6% से काफी अधिक है.
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की रफ्तार से दौड़ी इंडियन इकोनॉमी, उम्मीद से बेहतर रहा प्रदर्शन
GDP में उछाल के कई कारण हैं, जिसमें से GST रिफॉर्म को एक महत्वपूर्ण माना जा सकता है. दरअसल तमाम ग्लोबल और डोमेस्टिक रेटिंग एजेंसियों ने दूसरी तिमाही में 7.0 से 7.3% तक जीडीपी ग्रोथ रहने का अनुमान लगाया था. लेकिन सभी अनुमान से बेहतर जीडीपी के आंकड़े आए हैं.
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने भारत की जीडीपी को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 29 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक पहुंच सकता है.