पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा है. इस बीच, विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने एक शेयर पर बड़ा टारगेट दिया है और इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है. USB ने इस शेयर में आगे तेजी को लेकर उचित वैल्यूएशन, वॉल्यूम में स्थिरता और मिड टर्म में संभावित बढ़ोतरी के कारणों का हवाला दिया है.
15 फीसदी टूटा ये शेयर
मई में अपने हाई लेवल से यह शेयर 15 फीसदी तक गिर गया है और ब्रोकरेज फर्म के अनुसार 12 महीने के फॉरवर्ड PE के 40 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसके तीन साल के एवरेज से 10 फीसदी से ज्यादा की छूट है.
क्यों आ सकती है एमसीएक्स के शेयरों में तेजी?
विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने जिस शेयर को खरीदने की रेटिंग दी है, वह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) है. UBS ने एसईबी के हालिया परामर्श पत्र का हवाला दिया, जिसमें फिजिकल तौर पर सेटलमेंट किए गए नॉन-एग्री कमोडिटी डेरिवेटिव और नॉन एग्री इंडेक्स डेरिवेटिव में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की भागीदारी का प्रस्ताव है.
एमसीएक्स के लिए मौका
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि हमारा मानना है कि इससे कमोडिटी मार्केट में मजबूत आएगी और यह MCX के लिए मिड टर्म में डेवलपमेंट का एक मौका बनेगा. हमारा अनुमान है कि अनिश्चित मैक्रो अर्थव्यवस्था के कारण प्रमुख कमोडिटीज में उच्च अस्थिरता बनी रहेगी, जिससे एमसीएक्स को लाभ होगा.
3800 रुपये जाएगा MCX का स्टॉक
परामर्श के आधार पर रिवैल्यूएशन की संभावना जताते हुए, इसने EPS अनुमानों को बढ़ाया. ब्रोकरेज फर्म ने अपना टारगेट प्राइस 3,600 रुपये से बढ़ाकर 3,800 रुपये कर दिया और कहा कि उसने वित्त वर्ष 2027, वित्त वर्ष 2028 और वित्त वर्ष 2029 के लिए अपने हर शेयर पर इनकम (EPS) अनुमानों में क्रमशः 4 प्रतिशत, 8 प्रतिशत और 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.
अब सुधर रही एमसीएक्स की स्थिति
UBS ने कहा कि उसने हाल ही में कम वॉल्यूम के रिस्क को देखते हुए स्टॉक की रेटिंग घटाई थी. उसने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमही में मजबूत प्रदर्शन के मुकाबले MCX की वॉल्यूम में कमी आई, जबकि शेयर की कीमत पिछले तीन महीने में 15 फीसदी टूट गई. हालांकि अब स्थिति थोड़ी सुधर रही है.