पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान सर (फैजल खान) को बड़ी राहत मिली है. पटना की अदालत ने मंगलवार को फैजल खान समेत कुल छह लोगों को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) दे दी. जमानत पाने वालों में खान सर, उनके दो बॉडीगार्ड और कोचिंग संस्थान के तीन कर्मचारी शामिल हैं.
खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने बताया कि मामले में पहले से सुनवाई चल रही थी. शुक्रवार को न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण आदेश सुरक्षित रखा गया था. सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केस डायरी और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी छह आरोपियों की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली.
वकील ने बताया कि जिन दो बॉडीगार्ड पर हवाई फायरिंग का आरोप लगाया गया था, उन्हें भी राहत मिली है. उनके मुताबिक, पुलिस जांच में स्वतंत्र गवाहों ने हवाई फायरिंग की पुष्टि की थी, लेकिन इस मामले में लगाए गए शस्त्र अधिनियम की धारा जमानती प्रकृति की है. अदालत ने इसी पहलू को भी ध्यान में रखा.
लाइसेंस संबंधी सवाल पर अरविंद कुमार महुआर ने कहा कि यदि हथियार के लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन भी हुआ हो, तब भी संबंधित प्रावधान जमानती श्रेणी में आता है. इसलिए अदालत ने इस कानूनी पहलू पर भी विचार किया.
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता रोशन आनंद की ओर से भी जमानत का विरोध किया गया. उनके वकील ने सार्वजनिक उपद्रव समेत अन्य आरोपों का हवाला देते हुए अदालत में अपनी दलील रखी. हालांकि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का आदेश पारित किया.
यह मामला 2 जून की घटना से जुड़ा है. 5 जून से इस पर अदालत में सुनवाई चल रही थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने कई बार केस डायरी तलब की और अतिरिक्त तथ्यों की मांग पर पुलिस से पूरक केस डायरी भी मंगाई गई थी.
इस बीच यह सवाल भी उठा कि अंतरिम संरक्षण मिलने के बावजूद खान सर सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आए. इस पर उनके वकील ने कहा कि खान सर जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. उनका बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है और जांच प्रक्रिया में वे शामिल रहे हैं. इसलिए यह कहना सही नहीं है कि वे जांच से दूर रहे.
अदालत के इस फैसले के बाद खान सर और अन्य पांच आरोपियों को मामले में बड़ी कानूनी राहत मिल गई है. हालांकि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी.