बिहार के जमुई सदर अस्पताल में रविवार को दो महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. परिवार के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में दोनों के शव रख दिए और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए. परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण दोनों महिलाओं की जान गई है.
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मौतें कुछ घंटों के अंतराल में हुईं. इनमें से एक महिला का शनिवार रात सी-सेक्शन हुआ था, जबकि दूसरी महिला की रविवार को डिलीवरी होनी थी. दोनों की मौत के बाद परिवारों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल के गेट पर शव रखकर विरोध जताया गया.
जमुई सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली ने बताया कि फिलहाल किसी भी मामले में FIR दर्ज नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि मौत की वास्तविक वजह भी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी.
परिजनों ने डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का लगाया आरोप
मृत महिलाओं में से एक के परिजनों ने आरोप लगाया कि वे कई घंटों तक उचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप का इंतजार करते रहे. परिवार का दावा है कि इस दौरान मैटरनिटी वार्ड में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और समय पर इलाज नहीं मिल सका.
परिजनों ने इसी कथित लापरवाही को महिलाओं की मौत से जोड़ते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. शवों को अस्पताल के गेट पर रखकर काफी देर तक विरोध किया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की.
SDPO दीप्ति मोनाली के मुताबिक, इस मामले में यह पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही है कि कहीं चिकित्सा संबंधी लापरवाही तो नहीं हुई. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही मौतों की वजह और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.