बेतिया में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और सांसद डॉ. संजय जायसवाल के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. जुबानी जंग से शुरू हुई यह लड़ाई अब अदालत तक पहुंच गई है. सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने अपने वकील राजन कुमार चतुर्वेदी के माध्यम से बेतिया व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के यहां परिवाद पत्र दाखिल किया है.
मामला तब गरमाया जब प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में संजय जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अपने निजी पेट्रोल पंप के लिए छावनी ओवरब्रिज के अलॉटमेंट में बदलाव करवाया है. इतना ही नहीं, किशोर ने उन्हें टूटपुजिया नेता तक कह डाला.
सांसद ने इसे अपनी छवि पर हमला बताते हुए पहले वकालतनामा नोटिस भेजा था, लेकिन उत्तर से असंतुष्ट होकर अब मामला अदालत में ले गए हैं. वकील का कहना है कि यह स्पष्ट मानहानि का मामला है.
उधर, प्रशांत किशोर का कहना है कि उनके बयान तथ्य और जनहित से जुड़े हैं. आने वाले दिनों में अदालत में उनका पक्ष सामने आएगा.
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम चंपारण की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है. अब देखना होगा कि यह विवाद सिर्फ राजनीति तक सीमित रहता है या अदालत से निकलकर और बड़ा मुद्दा बन जाता है.