बिहार की राजनीति में 'बंगला विवाद' चर्चा में है. पटना का '10 सर्कुलर रोड' स्थित बंगला, जो पिछले कई वर्षों से लालू-राबड़ी परिवार की पॉलिटिकल एक्टिविटी का पावर सेंटर रहा है, अब उनके हाथ से निकल रहा है. सम्राट चौधरी सरकार के भवन निर्माण विभाग ने तीन दिन पहले एक लेटर जारी कर नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को इस आवास को हर हाल में खाली करने का कड़ा निर्देश दिया था. इसके बाद से बिहार की पूर्व सीएम रहीं राबड़ी देवी अड़ गईं और यहीं से शुरू हुआ राजनीति के वार-पलटवार वाले गेम का नया अध्याय, जिसके केंद्र में एक बंग्ला है.
सोमवार ये पूरा मामला महिला बनाम दलित का हो गया. कैसे? क्या हुआ और किसने क्या-क्या कहा? इन सभी बातों को सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं.
तो हुआ ये कि 10 सर्कुलर रोड पर मौजूद इस आलीशान सरकारी बंगले को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोटे से कैबिनेट मंत्री बने नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है. मंत्री नंदकिशोर राम को जल्द ही इस नए आवास में शिफ्ट होना है, जिसके चलते विभाग अब इस बंगले को खाली कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है.
राबड़ी देवी के आवास खाली करने के नोटिस पर बिहार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया है. मंत्री लेशी सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को साल 2025 के आखिर में ही 39, हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास संख्या आवंटित कर दिया गया था. नया बंगला आवंटित होने के बावजूद लालू परिवार और राबड़ी देवी ने लंबे समय से अपने पुराने '10 सर्कुलर रोड' वाले आवास को खाली नहीं किया.
मंत्री लेशी सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि अब विभाग ने यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को दे दिया है, इसलिए हर हाल में राबड़ी देवी जी को यह आवास खाली करना ही होगा. विभाग ने उनके लिए 39, हार्डिंग रोड वाले नए आवास को पूरी तरह से सुसज्जित और तैयार कर दिया है.
'मैं दलित हूं न, इसीलिए...', बंगला विवाद पर क्या बोले मंत्री नंद किशोर राम
इधर, मंत्री नंद किशोर राम ने बहुत दुखी होकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, 'मुझे बिहार सरकार की ओर से आवास आवंटित किया गया है. जिस आवास में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी जी रहती हैं. सरकार ने आवास आवंटित इसलिए किया कि मुझे आवास आवंटित नहीं था. अब उनका बयान आ रहा है कि मैं आवास खाली नहीं करूंगी. ' नंद किशोर राम बिहार सरकार के डेयरी, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री हैं. उन्होंने आगे कहा कि मेरा मीडिया के माध्यम से संपूर्ण देशवासियों से निवेदन है, मैं दलित समाज से आता हूं. मैं रामनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुआ हूं.
नंद किशोर राम ने आगे मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरा रामनगर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लोगों के लिए आरक्षित है. मुझे लगता है कि राबड़ी देवी की ओर से ये कहना कि मैं आवास खाली नहीं करूंगी तो मैं एक दलित हूं, इसलिए. यही कारण है. दूसरा कोई कारण नहीं है. दूसरा कोई कारण होता, तो एक बार जो सरकार का निर्देश जारी होता है, चाहे जिनके लिए हो. वे लोग उस निर्देश को मान लेते हैं, लेकिन मेरा दलित होना अभिशाप लग रहा है. इसलिए आवास नहीं खाली करने की बात कही जा रही है.
तेज प्रताप बोले- पहले नीतीश कुमार खाली करें बंगला
राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिलने पर जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने कहा कि 'पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सरकारी आवास पहले खाली कराया जाए. जब वह अपना आवास खाली करेंगे, तब राबड़ी देवी भी अपना आवास छोड़ देंगी.'
सरकार पहले भी दे चुकी है नोटिस
बता दें कि सरकार पहले भी लगातार नोटिस देकर 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का आदेश दे चुकी है, लेकिन राबड़ी देवी ने कहा है कि फोर्स बुलाकर खाली कर लें. हम नहीं खाली करेंगे. नया- नया मुख्यमंत्री बने हैं न सम्राट चौधरी. खाली करा लें. राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर कहा है कि किसी की हिम्मत हो तो बंगला खाली करा ले.
क्या इस बंगले में दबे हैं जमीन के कागज?
दूसरी ओर जेडीयू नेता नीरज कुमार कई बार सवाल खड़ा कर चुके हैं कि क्या 10 सर्कुलर रोड में जमीन के कागजों को तहखाने में दबाया गया है. सरकार के नोटिस के बाद उसे खाली क्यों नहीं किया जा रहा है। बंगला को लेकर सियासी बवाल चरम पर है.
पप्पू यादव ने किया राबड़ी देवी का समर्थन
उधर, इस मामले को लेकर राबड़ी देवी के पक्ष में पप्पू यादव भी सामने आ गए हैं. पप्पू यादव ने सीएम सम्राट चौधरी से अपील करते हुए कहा है कि जिस मंत्री को यह आवास आवंटित किया गया है, उन्हें कोई दूसरा सरकारी आवास दे दिया जाए. राबड़ी देवी पूरे बिहार के लिए मां के समान हैं. ऐसे में उन्हें अपमानित करने जैसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
बीती 30 मई को बंगले को खाली कराने के सरकारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई. सचिवालय SDPO अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ राबड़ी आवास पहुंचीं थीं. उनके साथ पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) भी मौजूद थे. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बंगले के भीतर जाकर बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से काफी देर तक बातचीत की. अधिकारियों ने उन्हें भवन निर्माण विभाग की तरफ से जारी नोटिस और आवास खाली करने के कानूनी आदेशों की विस्तार से जानकारी दी.
हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल बातचीत के बाद जब एसडीपीओ अनु कुमारी बाहर निकलीं, तो वे मीडिया से बिना कोई बातचीत किए सीधे वहां से रवाना हो गईं. आधिकारिक सूत्रों के हवाले से सामने आया कि राबड़ी देवी ने फिलहाल सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने दोनों प्रशासनिक अधिकारियों को साफ शब्दों में कह दिया है कि वह अभी किसी जल्दबाजी में इस आवास को खाली करने वाली नहीं हैं.