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Ganga Expressway पर फिलहाल नहीं लगेगा टोल टैक्स, कब तक फ्री में कर सकेंगे सफर

उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो चुकी है. अगर आप इस पर लगने वाले टोल को लेकर सोच रहे थे, तो अभी आपको कोई चार्ज नहीं देना होगा. यानी फिलहाल इस एक्सप्रेसवे पर कोई टोल नहीं लगेगा. आप इस पर टोल फ्री सफर कर सकते हैं. हालांकि, ये फ्री सर्विस ज्यादा दिनों के लिए नहीं है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें.

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Ganga Expressway मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को सीधा जोड़ेगा. Photo: ITG
Ganga Expressway मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को सीधा जोड़ेगा. Photo: ITG

उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो चुकी है. हालांकि, कई लोगों का सवाल है कि इस पर टोल कितना लगेगा. इस एक्सप्रेसवे पर फिलहाल वाहन बिना टोल दिए दौड़ेंगे. टोल दरें तय कर दी गई हैं, लेकिन वसूली शुरू होने में अभी करीब 15 दिन का समय लग सकता है.

15 दिन बाद टोल शुरू किया जाएगा जिसको लेकर यूपीडा ने इसके लिए निर्देशित किया है एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. 

कितना देना होगा टोल? 

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दोपहिया, तिपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टरों पर 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है. वहीं कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा. हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह दर 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर रखी गई है.Ganga Expressway

मिनी बस, बस और ट्रकों के लिए 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है. भारी निर्माण मशीनरी और मिट्टी हटाने वाले वाहनों के लिए 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा. जबकि सात या उससे अधिक एक्सल वाले बड़े बहुएक्सल वाहनों पर 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लगाया जाएगा.

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15 दिनों का टोल सरकार भरेगी

गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत डीबीएफओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है. इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है. हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी.

यह भी पढ़ें: Ganga Expressway : दिल्ली के नजदीक आएगा पटना? क्या गंगा एक्सप्रेसवे से कम होगी दूरी, कितना लगेगा समय

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे

594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को हर मौसम के अनुकूल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. सड़क पर 100 मिलीमीटर मोटी डामर परत बिछाई गई है, जो भीषण गर्मी और अत्यधिक बारिश में भी सड़क को सुरक्षित रखेगी. इसके निर्माण में लाखों टन डामर, स्टील, सीमेंट और रेत का उपयोग किया गया है.Ganga Expressway

यह भी पढ़ें: 594 KM की दूरी, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, 6 घंटे में सफर तय... Ganga Expressway से ग्राउंड रिपोर्ट

यूपीडा अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे की मजबूती के लिए कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो यानी सीबीआर तकनीक अपनाई गई है, जिसकी वैल्यू 8 रखी गई है. मुख्य कैरिजवे की कुल मोटाई 485 से 500 मिलीमीटर तक है, जिससे यह सड़क भारी ट्रैफिक का दबाव आसानी से झेल सकेगी. इसकी भार क्षमता 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल तक मापी गई है.

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यात्रा को और सुरक्षित व आरामदायक बनाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक स्विस सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. दावा है कि यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय घटाएगा, बल्कि प्रदेश में उद्योग, पर्यटन और रोजगार को भी नई रफ्तार देगा.

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