रणवीर सिंह, फरहान अख्तर की अनबन को लेकर FWICE का रुख विवाद का रूप ले चुका है. अब इंडस्ट्री में बड़ा सवाल उठ रहा है- क्या FWICE सच में किसी सुपरस्टार को 'बैन' कर सकता है? और क्या बॉलीवुड इस फैसले को गंभीरता से ले भी रहा है?
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन' यानी साथ काम न करने का निर्देश जारी किया. खबरें हैं कि रणवीर और फरहान अख्तर के बीच डॉन 3 को लेकर विवाद हुआ. कहा गया कि फरहान की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्री-प्रोडक्शन में हुए नुकसान के लिए 45 करोड़ रुपये की डिमांड की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर ने फिल्म शूटिंग शुरू होने से सिर्फ दो हफ्ते पहले छोड़ दी थी, जिससे मेकर्स को भारी नुकसान हुआ.
हालांकि रणवीर और फरहान- दोनों ने अब तक इस विवाद पर खुलकर कुछ नहीं कहा है. लेकिन FWICE के फैसले ने इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस संस्था के पास इतना अधिकार है भी या नहीं. FWICE ने रणवीर को आधिकारिक तौर पर बैन नहीं किया, लेकिन अपने सदस्यों से कहा कि वे उनके साथ काम न करें.
'FWICE किसी को रोक नहीं सकता'
ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने इंडिया टुडे से बातचीत में इस पूरे मामले को “बच्चों वाली हरकत” बताया. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे दो बच्चों की लड़ाई हो गई हो और एक ने दूसरे को सबक सिखाने की ठान ली हो.
कोमल नाहटा के मुताबिक FWICE इस बात से नाराज था कि रणवीर ने उनके कई नोटिस का जवाब नहीं दिया. लेकिन उनका कहना है कि शायद रणवीर इस संस्था को सही मंच नहीं मानते हों.
उन्होंने साफ कहा- FWICE कोई कोर्ट नहीं है, न सरकारी संस्था है और न ही उसके पास किसी को काम करने से रोकने का कानूनी अधिकार है. वे सिर्फ सलाह दे सकते हैं. उनका मानना है कि इस फैसले को सार्वजनिक करके FWICE ने खुद अपनी साख कमजोर कर ली है.
उन्होंने कहा- हो सकता है इस विवाद में वे जीत जाएं, लेकिन असली लड़ाई हार गए हैं. अब भविष्य में अगर कोई गंभीर मामला आएगा तो शायद लोग इन्हें सीरियसली नहीं लेंगे.
'ये मामला निजी तौर पर सुलझना चाहिए था'
फिल्म बिजनेस एक्सपर्ट गिरीष वानखेड़े भी इसी सोच से सहमत हैं. उनका कहना है कि ये रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच का निजी मामला था, जिसे आपस में सुलझाया जा सकता था. उन्होंने कहा- फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे विवाद होते रहते हैं और ज्यादातर शांति से खत्म भी हो जाते हैं. इस तरह का सार्वजनिक एक्शन जरूरी नहीं था.
बॉलीवुड का इतिहास भी यही बताता है. चाहे सलमान खान और शाहरुख खान का मशहूर झगड़ा हो, या शूटिंग से ठीक पहले किसी स्टार का फिल्म छोड़ना- ऐसे कई विवाद पहले भी हुए हैं. यहां तक कि दिग्गज गायक किशोर कुमार पर कभी ऑल इंडिया रेडियो ने बैन तक लगा दिया था. लेकिन आखिर में ज्यादातर मामले बातचीत से सुलझ गए.
इसी वजह से इंडस्ट्री के लोग सवाल उठा रहे हैं कि FWICE ने मध्यस्थ बनने के बजाय इतना सख्त कदम क्यों उठाया.
आखिर रणवीर ने फिल्म क्यों छोड़ी?
डॉन 3 को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन अभी तक किसी ने आधिकारिक तौर पर पूरा सच नहीं बताया. कोमल नाहटा का कहना है कि इंडस्ट्री में चर्चा है कि रणवीर फिल्म की स्क्रिप्ट से खुश नहीं थे. अगर उन्हें स्क्रिप्ट में दिक्कत लगी और बदलाव नहीं हुए, तो पूरी गलती सिर्फ रणवीर की नहीं मानी जा सकती.
उन्होंने कहा- आज के स्टार सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि बड़े ब्रांड हैं. एक गलत फिल्म उनके करियर को नुकसान पहुंचा सकती है. अगर किसी एक्टर को लगता है कि स्क्रिप्ट कमजोर है, तो उसे बदलाव मांगने का पूरा हक है. इसी वजह से बॉलीवुड के कई लोग इसे अनप्रोफेशनल व्यवहार मानने को तैयार नहीं हैं.
क्या ये सिर्फ ईगो की लड़ाई बन गई?
कानूनी और बिजनेस पहलुओं के अलावा इस विवाद में एक और चीज नजर आ रही है- ईगो क्लैश. रिपोर्ट्स के मुताबिक FWICE ने रणवीर सिंह को कई नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया. इससे मामला और बिगड़ गया.
गिरीश वानखेड़े का कहना है- स्टार्स का ईगो होता है, लेकिन इंडस्ट्री में किसी भी बड़े कलाकार तक पहुंचने के कई तरीके होते हैं. जरूरी नहीं कि वे सीधे नोटिस का जवाब दें. बातचीत से मामला सुलझाया जा सकता था.
वहीं कोमल नाहटा का मानना है कि FWICE ने सार्वजनिक तौर पर ये कदम उठाकर रणवीर पर दबाव बनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा- वे रणवीर को सबके सामने झुकाना चाहते थे. लेकिन सच कहें तो इंडस्ट्री में इस फैसले को कोई ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहा.
अब आगे क्या होगा?
इंडस्ट्री के लोगों का मानना है कि अब इस मामले में सिर्फ दो रास्ते हैं. पहला- रणवीर इस फैसले को नजरअंदाज कर अपने काम में आगे बढ़ जाएं. दूसरा- कोई बीच में आकर दोनों पक्षों में समझौता करवा दे और मामला चुपचाप खत्म हो जाए. कोमल नाहटा का कहना है कि रणवीर शायद कानूनी रास्ता नहीं अपनाएंगे, क्योंकि ऐसा करने से FWICE को ज्यादा अहमियत मिल जाएगी.
फिलहाल डॉन 3 अभी भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बनी हुई है. रणवीर सिंह इंडस्ट्री के बड़े सितारों में शामिल हैं और FWICE का ये फैसला बॉलीवुड में ताकत, अधिकार और प्रभाव को लेकर नई बहस जरूर छेड़ चुका है.