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ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सरकार का जोर, लेकिन लोगों की पसंद कुछ और

सरकार देश में इथेनॉल ब्लेंड वाले फ्यूल्स को बढ़ाने पर जोर दे रही है. हाल में E85 फ्यूल लॉन्च किया गया है. कुछ कंपनियों ने फ्लेक्स फ्यूल वाली गाड़ियां भी लॉन्च की हैं, लेकिन वाहन डैशबोर्ड का डेटा कुछ और ही कहानी कह रहा है. ये कहानी लोगों की पसंद को दिखा रही है, जो बताती है कि लोगों ने E20 गाड़ियों के आने के बाद भी परंपरागत पेट्रोल वाले वाहन खरीदे हैं.

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नई दिल्ली में हाल में ही E85 फ्यूल लॉन्च किया है. (Photo: Pexels)
नई दिल्ली में हाल में ही E85 फ्यूल लॉन्च किया है. (Photo: Pexels)

केंद्र सरकार ने ज्यादा इथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला किया है. इस फैसले से भारत में बायोफ्यूल ट्रांजीशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में 10 जून को नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, 22 परसेंट, 25 परसेंट, 27 परसेंट और 30 परसेंट इथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. 

ये कदम ऐसे वक्त पर उठाया गया है जब भारत क्रूड ऑयल इंपोर्ट पर अपनी निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है. भारत घरेलू प्रोड्यूस बायोफ्यूल्स के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. मई में बीआईएस (BIS) ने ई22 से ई30 तक के फ्यूल ब्लेंड्स के स्पेसिफिकेशन जारी किए थे. यानी सरकार ज्यादा इंथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए तमाम कदम उठा रही है. 

E20 वाहनों की बिक्री स्लो

इन सब के बाद भी परंपरागत पेट्रोल व्हीकल का रजिस्ट्रेशन ज्यादा है. वाहन डैशबोर्ड का डेटा दिखाता है कि परंपरागत पेट्रोल व्हीकल का दबदबा सेल्स के मामले में कायम है. फरवरी 2023 में E20 फ्यूल को इंट्रोड्यूस कर दिया गया था, इसके बाद भी परंपरागत पेट्रोल वाहनों की बिक्री ज्यादा हुई है.

वित्तवर्ष 2024 में लगभग 1.61 करोड़ परंपरागत पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जबकि लगभग 5 लाख पेट्रोल/E20 व्हीकल का रजिस्ट्रेशन हुआ है. वित्तवर्ष 2025 में भी ये गैप साफ दिखता है. इस वित्तवर्ष 1.71 करोड़ पेट्रोल मॉडल्स रजिस्टर हुए हैं, जबकि ई20 पेट्रोल वेरिएंट्स के 6 लाख वेरिएंट्स रजिस्टर हुए हैं. 

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वित्तवर्ष 2026 में इस ट्रांजिशन ने रफ्तार पकड़नी शुरू की है. जब ई20 पेट्रोल टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़ा है और 79 लाख यूनिट्स तक पहुंचा है. हालांकि, इस साल भी परंपरागत पेट्रोल वाहनों का रजिस्ट्रेशन 1.2 करोड़ यूनिट्स का रहा है. 

ऐसा ही ट्रेंड पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी देखने को मिला है. वित्तवर्ष 2024 में लगभग 22.5 लाख परंपरागत फोर व्हीलर का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जबकि ई20 पेट्रोल वेरिएंट्स की संख्या बहुत कम है. वहीं वित्तवर्ष 2025 में ये आंकड़ा बदला है और ई20 पेट्रोल फोर व्हीलर का रजिस्ट्रेशन 12 लाख यूनिट्स के पार पहुंचा है. 

ज्यादा ब्लेंडिंग वाला फ्यूल लाने की तैयारी

E20 व्हीकल में ट्रांजीशन उम्मीद से धीमी गति से हो रहा है, जबकि पॉलिसी मेकर्स इससे भी अधिक इथेनॉल ब्लेंड वाले फ्यूल लाने की तैयारी कर रहे हैं. 

भारत के प्रमुख वाहन और इंजन निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, नीति आयोग की रिपोर्ट 'रोडमैप फॉर एथेनॉल ब्लेंडिंग इन इंडिया' में अप्रैल 2023 से 'E20 मैटेरियल कंप्लायंट और E10 इंजन-ट्यून्ड वाहनों' को बाजार में उतारने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद अप्रैल 2025 से 'E20-ट्यून्ड इंजन वाले वाहनों' को लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी.

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रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अधिक इथेनॉल ब्लेंडिंग वाले फ्यूल यूज के लिए व्हीकल में मटेरियल कम्पैटिबिलिटी, इंजन ट्यूनिंग और ऑप्टिमाइजेशन से जुड़े बदलावों की जरूरत होगी. वहीं, जिन वाहनों को कम इथेनॉल ब्लेंडिंग वाले फ्यूल के लिए डिजाइन किया गया है, उनकी फ्यूल एफिशिएंसी (माइलेज) अधिक इथेनॉल ब्लेंडिंग वाले फ्यूल पर कम हो सकती है.

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