अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के मुद्दे पर तीखी बातचीत हुई है. न्यूज वेबसाइट एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर ईरान के साथ अमेरिकी बातचीत की स्थिति और दोबारा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने को लेकर चर्चा हुई. नेतन्याहू चाहते हैं कि मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मि़डटर्म इलेक्श के तुरंत बाद ईरान पर नए हमले किए जाएं. हालांकि, ट्रंप अभी कूटनीतिक कोशिशों को और समय देने के मूड में हैं.
रिपोर्ट में एक इजरायली और एक अमेरिकी सोर्स के हवाले से बताया गया है कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ जल्द मिलिट्री ऑपरेशन के लिए ट्रंप पर दबाव बना रहे हैं. वहीं, ट्रंप अभी ईरान के साथ बातचीत के जरिए समाधान तलाशने के पक्ष में हैं. इजरायली सोर्स ने दोनों नेताओं की बातचीत को 'कठिन' बताया, जबकि अमेरिकी सोर्स ने इसे 'सीधी और स्पष्ट' बातचीत करार दिया.
हालांकि, व्हाइट हाउस और इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बातचीत पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
ईरान को लेकर दोहरी रणनीति पर काम कर रहे ट्रंप
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान के मामले में एक साथ दो रणनीतियों पर काम कर रहे हैं. एक ओर वह शांति की बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर मिडटर्म इलेक्शन के बाद बड़े मिलट्री ऑपरेशन की संभावित वापसी की तैयारी भी कर रहे हैं. ट्रंप इससे पहले जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और फरवरी में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से पहले भी इसी तरह की रणनीति अपना चुके हैं.
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत ठीक चल रही है और उन्हें किसी समझौते की बहुत जल्दी नहीं है. हालांकि, उन्होंने ईरान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरानी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे ज्यादा भरोसेमंद नहीं हैं. वे समझौता करते हैं और फिर उससे पीछे हट जाते हैं.
ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की धमकी
ट्रंप ने बातचीत के साथ-साथ ईरान के परमाणु ठिकानों पर नए हमलों की संभावना भी जताई. उन्होंने कहा कि अमेरिका को अभी ईरान के एक-दो परमाणु ठिकानों से निपटना बाकी है. ट्रंप ने विशेष रूप से पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का जिक्र किया, जिसे एक पहाड़ के भीतर बना संदिग्ध परमाणु ठिकाना माना जाता है. ट्रंप ने कहा, 'हम यह काम 10 मिनट में कर सकते हैं. हमने इसकी योजना तैयार कर रखी है. आप पिकैक्स माउंटेन को देख सकते हैं. हमें उससे निपटना है और हम यह बहुत जल्दी कर सकते हैं.'
जेडी वेंस ने ईरान को भेजा पत्र
इसी बीच अमेरिका की ओर से कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले सप्ताह ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई को एक पत्र भेजा था. इस पत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना तलाशने की बात कही गई थी. पिछले कई महीनों में यह अमेरिका की ओर से ईरान के साथ किया गया सबसे हाईलेवल कॉन्टैक्ट बताया गया है.
कतर की मध्यस्थता में लगातार तीसरे दिन बातचीत
दूसरी ओर कतर के मध्यस्थों ने रविवार को लगातार तीसरे दिन ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक की. इन बैठकों का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू कराने के लिए सहमति बनाना है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को स्पष्ट किया कि अभी तक बातचीत दोबारा शुरू करने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि अमेरिका ईरान के सवालों का क्या जवाब देता है. अराघची ने कहा, 'हम इस दिशा में हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि दूसरा पक्ष पर्याप्त समझदारी दिखाएगा और अन्य रास्तों के बजाय कूटनीति को चुनेगा.' फिलहाल ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच आगे की रणनीति पर मतभेद की खबरें सामने आई हैं. नेतन्याहू जल्द सैन्य कार्रवाई चाहते हैं, जबकि ट्रंप बातचीत को और समय देने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं.
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