ट्रंप की एक दलील नहीं सुनी, अमेरिका के बर्थराइट सिटिजनशिप पर कोर्ट से आया बड़ा अपडेट

मैरीलैंड की संघीय जज डेबोरा बोर्डमैन ने ट्रंप प्रशासन के उस नए आदेश पर शुरुआती रोक लगा दी, जो अमेरिका में जन्मे कुछ बच्चों की नागरिकता सीमित करना चाहता था. अदालत ने कहा कि क्लास एक्शन में शामिल बच्चे जन्म से नागरिक हैं, इसलिए एजेंसियां फिलहाल उनकी नागरिकता में दखल नहीं दे सकतीं.

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बर्थराइट सिटिजनशिप को लिमिट करने की कोशिश की थी. (Photo- ITG) बर्थराइट सिटिजनशिप को लिमिट करने की कोशिश की थी. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:12 AM IST

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बर्थराइट सिटिजनशिप यानी अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता देने के नियम को सीमित करने वाले नए आदेश को बड़ा झटका लगा है. मैरीलैंड की संघीय जज डेबोरा बोर्डमैन ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन को इस आदेश को लागू करने से रोक दिया. यह रोक प्रवासी अधिकार संगठनों की मांग पर लगाई गई है. इस मामले में कोर्ट ने ट्रंप की एक नहीं सुनी और आदेश पर रोक लगा दी. 

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जज बोर्डमैन ने कहा कि ट्रंप का नया आदेश उन बच्चों पर लागू करने के मामले में लगभग निश्चित तौर पर असंवैधानिक है, जो संबंधित क्लास एक्शन मुकदमे के दायरे में आते हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है कि इस वर्ग में शामिल बच्चे जन्म के समय अमेरिकी नागरिक हैं.

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कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की एक दलील नहीं सुनी

ट्रंप प्रशासन ने अदालत में दलील दी थी कि मुकदमा अभी जल्दबाजी में दायर किया गया है, क्योंकि नए आदेश को लागू करने के लिए एजेंसियों की विस्तृत गाइडलाइन अभी जारी नहीं हुई है. सरकार का कहना था कि यह गाइडलाइन शनिवार तक जारी होने की उम्मीद है. हालांकि, जज बोर्डमैन ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि नए आदेश की भाषा के आधार पर तत्काल रोक जरूरी है. साथ ही उन्होंने एजेंसियों को आदेश के अमल से जुड़ी गाइडलाइन जारी करने की अनुमति दी है.

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बर्थ टूरिज्म को टारगेट करने वाला था ट्रंप का आदेश

ट्रंप ने 6 अगस्त को नया कार्यकारी आदेश जारी किया था. यह आदेश खास तौर पर बर्थ टूरिज्म पर निशाना साधता है. बर्थ टूरिज्म में महिलाएं बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आती हैं, ताकि उनके बच्चों को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता मिल सके.

नए आदेश में उन बच्चों की नागरिकता पर भी रोक लगाने की कोशिश की गई है, जिनके माता-पिता में से कोई अमेरिका में किसी विदेशी सरकार के लिए काम करता है. इसके अलावा नागरिकता हासिल करने के लिए धोखाधड़ी या किसी व्यावसायिक लेनदेन का सहारा लेने वाले मामलों और कुछ ऐसे लोगों के बच्चों को भी आदेश के दायरे में रखा गया है, जिन्हें एलियन एनिमी यानी विदेशी दुश्मन की श्रेणी में रखा गया है.

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कोर्ट ने ट्रंप के आदेश पर क्यों लगाई रोक?

यह ट्रंप की जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने की दूसरी कोशिश है. इससे पहले जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 2025 के शुरुआती आदेश को लागू करने की उनकी कोशिश को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में जन्मे उन बच्चों को नागरिकता से वंचित करने की कोशिश संविधान के 14वें संशोधन के सिटिजनशिप क्लॉज से टकराती है.

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ताजा मामले में जज बोर्डमैन ने अमेरिकी विदेश विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन जैसी एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे संबंधित बच्चों की नागरिकता में दखल न दें, उसे खारिज न करें और उसे मान्यता देने से इनकार न करें.

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