यूक्रेन ने रूस पर अपने ड्रोन हमलों को और तेज कर दिया है. रविवार को यूक्रेनी ड्रोन हमले के कारण रूस के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई. इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है.
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के सैन्य उद्योगों और ऊर्जा केंद्रों पर अपने लॉन्ग-रेंज हमलों को तेज कर दिया है. यूक्रेन का मकसद मॉस्को की कमाई को रोकना और युद्ध के असर को रूसी नागरिकों तक पहुंचाना है.
पश्चिमी विश्लेषकों के मुताबिक, इन हमलों से रूस की सैन्य और ईंधन आपूर्ति पर काफी बुरा असर हुआ है. इससे युद्ध के मैदान में रूस की रफ्तार धीमी हो गई है और क्रेमलिन पर बातचीत की मेज पर आने का दबाव बढ़ रहा है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रविवार को टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर इस हमले की पुष्टि की. उन्होंने लिखा, 'हमारे लॉन्ग-रेंज प्रतिबंध रूस की दो तेल रिफाइनरियों तक पहुंच गए हैं. हर हमला उन संसाधनों में कमी लाता है जो रूसी युद्ध मशीन को ईंधन देते हैं और ये शांति की ओर एक और कदम है.'
स्लाव्यांस्क रिफाइनरी में लगी भीषण आग
क्रास्नोडार के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रातिएव के मुताबिक, मार गिराए गए यूक्रेनी ड्रोन का मलबा स्लाव्यांस्क-ना-कुबानी शहर की रिफाइनरी पर गिरा, जिससे वहां आग लग गई. मलबे की चपेट में आने से स्लाव्यांस्क में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पास के गांव में एक और व्यक्ति घायल हो गया.
दरअसल ये रिफाइनरी हर साल करीब 40 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करती है. ये रूस के काला सागर बंदरगाहों के जरिए ईंधन तेल, नैफ्था और मरीन फ्यूल के निर्यात का एक अहम जरिया है.
यारोस्लाव रिफाइनरी पर भी निशाना
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी सीमा से करीब 700 किलोमीटर दूर यारोस्लाव में भी एक रिफाइनरी को निशाना बनाया है. रूसी अधिकारियों ने सीधे तौर पर रिफाइनरी पर हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय गवर्नर मिखाइल एवराएव ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोनों से दुश्मन के हमले के कारण मॉस्को और यारोस्लाव के बीच कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. सुरक्षा कारणों से यारोस्लाव का एयरपोर्ट और पश्चिमी रूस के कुछ दूसरे एयरपोर्ट रात में कुछ समय के लिए बंद रहे.
रूस में ईंधन की किल्लत
यूक्रेनी हमलों की वजह से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में भारी ईंधन संकट पैदा हो गया है. पिछले वीकेंड पर ही वहां आम नागरिकों के लिए पेट्रोल की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. इस संकट पर रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने रविवार को पत्रकारों से कहा, 'इस समय अंतरसरकारी समझौतों पर कोई प्रतिबंध नहीं है. हर मामले में, हम उन सहयोगियों के साथ काम करते हैं जिनके साथ ये समझौते किए गए हैं ताकि मौजूदा हालात और जरूरतों का आकलन किया जा सके.'
इस बीच, यूक्रेन की सीमा से हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया के इरकुत्स्क में भी नागरिक ईंधन बिक्री सीमित कर दी गई है. गवर्नर इगोर कोबजेव ने घोषणा की कि सरकारी रोसनेफ्ट स्टेशनों पर लोग रोजाना सिर्फ 50 लीटर ईंधन ही खरीद सकेंगे. साइबेरिया के दो प्राइवेट गैस स्टेशन नेटवर्क 'क्रेइसनेफ्ट' और 'एल्के ऑटो' ने भी सप्लाई में रुकावट की वजह से सीमित कर दी है.
यह भी पढ़ें: धधक रहे हैं रूस के ऑयल डिपो, केमिकल प्लांट, जेलेंस्की ने खुद पोस्ट किया अटैक का Video
दोनों तरफ से दागे गए सैकड़ों ड्रोन
बेलगोरोद के कार्यवाहक गवर्नर अलेक्जेंडर शुवायेव ने बताया कि वहां भी एक यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उनकी सेना ने रातभर में कब्जे वाले क्रीमिया, काला सागर और अजोव सागर के ऊपर कुल 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए.
दूसरी ओर, यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने उन पर 142 ड्रोन और 8 मिसाइलें दागीं, जिनमें से यूक्रेन ने 125 ड्रोन और 7 मिसाइलें हवा में ही तबाह कर दीं.
aajtak.in