'हार की वजह ईरान', चुनाव नतीजों से ट्रंप हताश, दे दी बड़ी धमकी

रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के असर को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ईरान के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करती है, लेकिन पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं थी. ट्रंप ने युद्ध के फैसले पर कहा कि उन्होंने कोई पछतावा नहीं है.

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ट्रंप ने मिड टर्म इलेक्शन में हार की वजह ईरान को बताया है. (File Photo-PTI) ट्रंप ने मिड टर्म इलेक्शन में हार की वजह ईरान को बताया है. (File Photo-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. कई अहम सीटों पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत दर्ज की है. टेक्सास जैसे रिपब्लिकन गढ़ में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. इन नतीजों के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप ने भी माना है कि ईरान के साथ युद्ध उनकी पार्टी की हार की एक वजह हो सकता है. उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन तो अमेरिकी जनता करती है, लेकिन लोग पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं थे.

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ट्रंप ने यह बात वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) को दिए इंटरव्यू में कही. उन्होंने माना कि ईरान युद्ध और उससे जुड़ी महंगाई का असर चुनाव पर पड़ा है. हालांकि, उन्होंने अपने फैसले का बचाव भी किया. ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई पछतावा नहीं है. अगर दोबारा ऐसा मौका मिला तो वह फिर यही फैसला लेंगे. 

पेट्रोल की कीमतों ने बिगाड़ा चुनावी खेल?

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में भी ईरान युद्ध के आर्थिक असर पर बात की. उन्होंने कहा कि लोग ईरान को लेकर मेरे फैसले से सहमत हैं. लेकिन शायद वे पेट्रोल के लिए ज्यादा पैसे देने के शुरुआती नतीजे झेलने को तैयार नहीं थे. मैं उनकी बात समझता हूं. हालांकि, मैं इससे सहमत नहीं हूं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव में उनकी पार्टी को कई अहम सीटों पर हार मिली है. ईरान के साथ लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण अमेरिका में तेल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है. खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों को लेकर भी वोटर्स में नाराजगी रही है. चुनाव से पहले विपक्ष ने इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन को घेरा था. 

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ट्रंप ने अपने प्रशासन में किसी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी टीम में किसी को हटाने या नई नियुक्ति करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के प्रति भी समर्थन जताया. 

ईरान को लेकर ट्रंप की नई चेतावनी

एक तरफ ट्रंप चुनाव में नुकसान की वजहों पर बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान को लेकर उनका रुख सख्त बना हुआ है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने ईरान पर बड़े हमले का संकेत दिया. ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ कुछ बड़ा कर सकते हैं. इसमें बहुत भारी हमला भी शामिल हो सकता है.

यह भी पढ़ें: ट्रंप के खिलाफ गुस्सा, मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन की करारी शिकस्त, डेमोक्रेट्स की बल्ले-बल्ले

यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान पर संभावित परमाणु हमले को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं. हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में किसी खास सैन्य कार्रवाई की तारीख या योजना का खुलासा नहीं किया. उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर चिंता बढ़ सकती है.

ट्रंप पहले भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई को जरूरी बता चुके हैं. उनका दावा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. वहीं, युद्ध के कारण बढ़ती ईंधन कीमतें अब उनके प्रशासन के लिए राजनीतिक चुनौती बन गई हैं.

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चुनावी हार के बाद भी फैसलों पर कायम ट्रंप

चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने अपने फैसलों में बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं. उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध को सही ठहराया है. उनका कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद यह कार्रवाई जरूरी थी. ट्रंप ने बातचीत में ग्रीनलैंड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ग्रीनलैंड है और इसे हासिल करने के लिए उन्हें युद्ध नहीं करना पड़ा. उन्होंने इसे स्थायी बताते हुए कहा कि इस पर अब कोई बात भी नहीं करता.

यह भी पढ़ें: 'मनमानी' रुकेगी, महाभियोग का भी खतरा… मिड टर्म चुनाव हारे तो फंस जाएंगे ट्रंप!

मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके ने ट्रंप के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है. अब डेमोक्रेट्स को संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिला है. ऐसे में ईरान युद्ध, महंगाई और पेट्रोल की कीमतें आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति के बड़े मुद्दे बने रह सकते हैं.

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