तीन पायलट मारे, शादी के मंडप पर भी एयरस्ट्राइक... US का ईरान पर पलटवार!

ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे फेज की लड़ाई भीषण हो चुकी है. ताजा अपडेट के मुताबिक 1 सितंबर को ईरान पर अमेरिकी हमले में 3 ईरानी पायलट मारे गए हैं. अमेरिका ने ये हमला दो दिन पहले ईरान पर किया था.

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अमेरिकी हमले में 3 ईरानी पायलट की मृत्यु हुई है. (Photo: Social media) अमेरिकी हमले में 3 ईरानी पायलट की मृत्यु हुई है. (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:47 PM IST

अमेरिकी हमले में ईरान को तगड़ी चोट पहुंची हैं. अमेरिका के हमले में तीन ईरानी मिलिट्री पायलट की मौत हो गई है. अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले की नई खेप शुरू करने के बाद ये मौतें ईरान को हुए सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है. 

ईरानी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि दो रात पहले हुए अमेरिकी हमले में ईरान के तीन मिलिट्री पायलट मारे गए. इन मारे गए पायलटों की पहचान मोजतबा बघेरी और हामिद ओकाती (ईरानी नौसेना के पायलट) और हुसैन महदावियन (ईरानी वायु सेना के पायलट) के तौर पर की गई है. 

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हालांकि हमले की जगह, हमले में शामिल विमान या पायलटों की किन हालात में हुई इसके बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई है. ये जानकारी तसनीम न्यूज ने दी है.

इस बीच अल जजीरा के अनुसार ईरान के पहले उपराष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका ने तेहरान की सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी रणनीतियों को बदल दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान का जवाब उम्मीदों से परे होगा. 

मोहम्मद रज़ा अरेफ़ ने X पर लिखा, "अमेरिकियों को पेट्रोल और ईंधन का स्टॉक जमा करने के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए. अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं."

बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "किसी भी समय" ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह नई लड़ाई "बहुत लंबे समय" तक चलेगी. 

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बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर हमले की नई खेप सितंबर 2026 में शुरू हुई. अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों और अमेरिकी बलों पर हमलों के जवाब में ईरान के दक्षिणी तट पर सैन्य ठिकानों (एयर डिफेंस, रडार, समुद्री संपत्तियां) पर हमले किए.

ईरान के अनुसार इन हमलों में करीब 18 लोगों की मौत हुई, जिसमें एक शादी मंडप में भी लोग हताहत हुए. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मृतकों की संख्या की पुष्टि की है. जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 'बहुत भारी हमला' बताया और आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी. 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 1 सितंबर 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए. इस हमले में अमेरिका के निशाने पर एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां, माइन-लेइंग क्षमताएं और संचार ठिकाने थे. अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों जैसे बंदर अब्बास, सिरीक, चाबहार, कोनारक, जास्क, केश्म द्वीप और खुजेस्तान में ईरानी मिलिट्री को टारगेट किया. 

ताजा हमले में ईरान ने कुवैत को निशाना बनाया

अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने गुरुवार को कुवैत पर हमला किया. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार तड़के कुवैत में सायरन बजे, जहां 'ईरान की खुली आक्रामकता' के दौरान एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन को रोका. 

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यह घटनाक्रम तब हुआ जब अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन और जॉर्डन ने भी कहा कि उनके एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने भी बुधवार को ईरान के कई हवाई हमलों को रोका था. 
 

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