मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने फिर बोला झूठ, इस बार अफगानिस्तान ने खोली पोल

जिस आतंकी को पाकिस्तान सालों से अफगानिस्तान में छिपा बताता रहा है, अब उसके दावों को काबुल ने सिरे से खारिज किया है. अफगान विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में नहीं है.

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अफगानिस्तान ने साफ कहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है.(File Photo) अफगानिस्तान ने साफ कहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है.(File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर सवालों के घेरे में है. अब की बार अफगानिस्तान ने पाक की कलई खोलते हुए यह साफ कर दिया कि आतंकी मसूद अजहर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है. अफगान विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अजहर के अफगानिस्तान में होने की बात को नकारा है.

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काबुल ने यह भी दोहराया कि उसकी जमीन पर किसी दूसरे देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियां नहीं होंगी. यानी जिस बात को लेकर पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान की तरफ उंगली उठाता रहा, अब उसी दावे को काबुल ने सिरे से खारिज कर दिया है. 

इस्लामाबाद लंबे समय से यह कहता आ रहा है कि अजहर अफगानिस्तान भाग गया था, खासकर तब जब उस पर टेरर फ़ाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने) के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए 'फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स' (FATF) का दबाव पड़ा. 

पेरिस स्थित यह संस्था अपनी अगली बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद-विरोधी कोशिशों की समीक्षा करने वाली है. मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के उपायों में कमियों और टेरर फ़ाइनेंसिंग को रोकने में नाकाम रहने की वजह से पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में था. 

इस दौरान उस पर दबाव था कि आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में हो रही कमियों को दूर किया जाए. ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के लिए पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई समेत कई कदम उठाने पड़े थे. हालांकि पाकिस्तान की कार्रवाई दिखावे के लिए ज्यादा थी.

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जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को बताया अजहर का ठिकाना

मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह खींचतान नई नहीं है. 2022 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को पत्र लिखकर अजहर को गिरफ्तार करने को कहा था. पाकिस्तान का दावा था कि वह अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार इलाके में छिपा हो सकता है.

लेकिन तब भी तालिबान ने अजहर के अफगानिस्तान में होने से इनकार कर दिया था. तालिबान ने कहा था कि वह किसी भी हथियारबंद संगठन को अपनी जमीन पर दूसरे देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की इजाजत नहीं देगा. इसके साथ ही  तालिबान ने अजहर के अफगानिस्तान में शरण लेने की खबरों को भी खारिज किया था.

यह भी पढ़ें: मसूद अजहर का हिमायती, जैश का सपोर्टर बिहार से गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजता था फंड

भारत के लिए क्यों अहम है मसूद अजहर?

मसूद अजहर भारत के लिए लंबे समय से बड़ा आतंकवादी खतरा रहा है. उसका नाम 2001 में हुए संसद हमले, पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 पुलवामा हमले समेत कई बड़े आतंकी मामलों से जुड़ा रहा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मई 2019 में उसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था.

अब अफगानिस्तान के ताजा बयान ने पाकिस्तान के उस दावे को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें वह अजहर के अफगानिस्तान में होने की बात कहता रहा है. अब सवाल यह उठता है कि अगर अजहर अफगानिस्तान में नहीं है, तो फिर वह है कहां? और पाकिस्तान उसके खिलाफ कार्रवाई से अब तक क्यों बचता रहा है?

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