इस मुस्लिम देश में सीक्रेटली जमीन के अंदर दबा है परमाणु मटेरियल, अब हटाने की तैयारी

सीरिया की गुप्त साइट 99 में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए परमाणु मटेरियल को हटाने के लिए आईएईए, अमेरिका, इजरायल और नई सीरियाई सरकार के बीच सहमति बनी है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक काम अभी जारी है और मटेरियल अब तक निकाला नहीं गया है.

Advertisement
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (Photo- ITG) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:55 AM IST

सीरिया में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के दौरान चलाए गए गुप्त परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा कुछ परमाणु मटेरियल एक गुप्त जगह पर जमीन के अंदर दबा हुआ है. अब इसे वहां से हटाने की तैयारी हो रही है. अमेरिका, इजरायल और सीरिया के बीच कई महीनों तक हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA जल्द ही इस मटेरियल को सुरक्षित तरीके से हटाने का काम शुरू कर सकत है.

Advertisement

इजरायल पिछले दो साल से सीरिया की एक जगह पर नजर रख रहा था. इसे 'साइट 99' कहा जाता है. अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, असद सरकार ने यहां अल-किबर परमाणु परियोजना से जुड़ा कुछ मटेरियल छिपाकर रखा था.

यह भी पढ़ें: 'ट्रंप का नया गाजा प्लान नामंजूर...', बोले नेतन्याहू, कहा- इजरायल को स्वीकार नहीं

इस मटेरियल में 'येलोकेक' भी शामिल है. यह यूरेनियम से तैयार किया गया एक पाउडर होता है, जिसका इस्तेमाल आगे परमाणु ईंधन बनाने में किया जा सकता है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि साइट 99 में मौजूद मटेरियल से सीधे परमाणु हथियार बनाना संभव नहीं है.

2007 में इजरायल ने सीरिया का गुप्त परमाणु रिएक्टर नष्ट किया था

मामला सीरिया के पुराने गुप्त परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है. असद सरकार ने अल-किबर में एक कथित गुप्त परमाणु रिएक्टर बनाया था. 2007 में इजरायल ने हवाई हमला करके इस साइट को नष्ट कर दिया था. इसके बाद भी परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा कुछ मटेरियल और दूसरी जगहों पर मौजूद रहा. बाद में IAEA की जांच में सीरिया में यूरेनियम के कण भी मिले थे. इन कणों को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे.

Advertisement

इजरायल ने दी थी दोबारा हमला करने की चेतावनी

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल को डर था कि सीरिया की नई सरकार या कोई दूसरा समूह साइट 99 में रखे मटेरियल तक पहुंच सकता है. इजरायल ने अमेरिका को बताया था कि वह इस परमाणु मटेरियल को वहां नहीं रहने देगा. इजरायल ने जरूरत पड़ने पर साइट पर दोबारा हमला करने की चेतावनी भी दी थी. इसके बाद अमेरिका ने इजरायल से सैन्य कार्रवाई नहीं करने को कहा और इस मामले में IAEA को शामिल किया गया.

यह भी पढ़ें: 'न पीछे हटेंगे, न सिर झुकाएंगे, आखिरी दम तक...' अमेरिका-इजरायल को पेजेशकियान की दो टूक

अमेरिका की कोशिशों के बाद हुआ समझौता

करीब तीन हफ्ते पहले IAEA और सीरिया की नई सरकार के बीच एक समझौता हुआ. इसके तहत साइट 99 में मौजूद परमाणु मटेरियल को वहां से हटाया जाएगा. अभी मटेरियल को हटाया नहीं गया है और इसकी तैयारी चल रही है. अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और इस साल के अंत तक इसे पूरा किया जा सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »