खून से लथपथ, फ्लाईदुबई फ्लाई के कॉकपिट के फ्लोर पर पड़े कैप्टन स्मित मछार ने बड़ी जद्दोजहद के बाद कॉकपिट को खोलने वाला बटन दबा दिया. उनके इस एक्शन ने वो काम किया जिससे लगभग 180 लोगों की जिंदगी बच गई. कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही पैसेंजर और क्रू अंदर घुसे और हमलावर पायलट को काबू में किया और एक मिनट में 16 हजार फीट नीचे जा चुके प्लेन को काबू में किया.
अगर इंडियन हीरो कैप्टन स्मित ये काम न कर पाते तो आज की दुनिया शायद अलग होती. पश्चिम एशिया में जंग का परिदृश्य अलग होता. कौन जानता है दुनिया एक और जंग की तैयारी कर रही होती.
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई के इस फ्लाइट के कॉकपिट के क्लाईमैक्स सीन के मुख्य हीरो कैप्टन स्मित थे उनके साथ कई और लोग थे जिन्होंने 9/11 जैसे एक दूसरे 'आतंकी' हमले को नाकाम कर दिया.
कॉकपिट के इस सीन से कुछ ही पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन को क्रैश करने की कोशिश में मच्छर के साथी पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था. मुंबई में रहने वाले और गुजरात निवासी भारतीय नागरिक मच्छर का इलाज सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां प्लेन सुरक्षित उतरा था.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के मुताबिक मछार उन कई लोगों में से एक हैं जिन्हें हीरो माना जा रहा है. इन लोगों ने उस हमलावर से प्लेन का कंट्रोल वापस अपने हाथ में लिया, जिसने प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की थी.
कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही एक्शन का एक और सीक्वेंस शुरू हुआ.
इजरायल के Ynet न्यूज़ के अनुसार चार इजरायली नागरिक तेज़ी से कॉकपिट की ओर दौड़े और हमलावर को काबू करने में क्रू की मदद की. इसके बाद ऑफ ड्यूटी दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के एक छोटे से एयरपोर्ट पर उतारा. इनमें यानिव हायुन भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर संदिग्ध को-पायलट को दबोच लिया और बाद में प्लेन के कंट्रोल को अपने हाथ में लिया.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने यानिव को पेशे से प्लंबर बताया है.
अन्य लोगों डॉ शोता मुसाएव, असाफ़ राजुआन और ज़्विका मानेस ने भी संदिग्ध हमलावर को काबू करने और रोकने में क्रू सदस्यों की मदद की. फिर, डेंटिस्ट शोता मुसाएव ने बुरी तरह घायल मच्छर का इलाज किया और समय रहते उनका खून बहना रोका.
यानिव हायुन
इज़राइल के प्रधानमंत्री के ऑफ़िस से शेयर किए गए एक वीडियो में नेतन्याहू को तेल अवीव एयरपोर्ट पर हायुन से मिलते हुए दिखाया गया. हायुन पेशे से प्लंबर हैं और जब वे इज़राइल पहुंचे तो उनकी शर्ट पर खून के धब्बे थे, उनके मोजे खून से सने हुए थे. लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें कोई चोट नहीं आई थी.
नेतन्याहू से बातचीत के दौरान हयून ने बताया कि कैसे वे कॉकपिट में गए और संदिग्ध हमलावर को कंट्रोल से हटाया, और फिर प्लेन की दिशा ठीक करने में मदद की.
हयून ने कहा कि जब यात्री कॉकपिट के दरवाज़े तक पहुंचे तो वह लॉक नहीं था और उन्हें लगा कि भारतीय पायलट ने शायद उसे पहले ही खोल दिया था. "मेरा मानना है कि बेहोश होने से पहले उन्होंने बहुत सूझबूझ दिखाते हुए हमारे लिए दरवाज़ा खोल दिया था."
उन्होंने बताया, "जब मैं अंदर गया तो मैंने देखा कि आतंकवादी कंट्रोल पर दोनों सीटों के बीच था. सीटों पर कोई पायलट नहीं था." उन्होंने बताया कि उन्होंने को-पायलट को पकड़ा और उन्हें बाहर खींच लिया.
हमलावर की हरकतों के बारे में पूछे जाने पर हायून ने कहा, "वह प्लेन को नष्ट करने के लिए कंट्रोल को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था."
यहां मजेदार बात यह है कि कॉकपिट में प्लेन को कंट्रोल करने के लिए यानिव को टीवी पर सीखी गई जानकारी काम आई. हायुन ने प्लेन को सीधा करने के लिए योक (कंट्रोल हैंडल) को पीछे खींचा. उन्होंने कहा, "मैं 'मेडे' (Mayday) शो देखता हूं."
डॉ शोता मुसाएव
इसी प्लेन पर डेंटिस्ट शोता मुसाएव सवार थे. उन्होंने इजरायली न्यूज एजेंसी Ynet को बताया कि शुरू में वे संदिग्ध हमलावर से निपटने में मदद करने के लिए कॉकपिट की ओर भागे. उस आदमी को काबू में करने के बाद उन्होंने बुरी तरह घायल कैप्टन की ओर ध्यान दिया. रिपोर्ट के अनुसार डॉ शोता मुसाएव प्लेन में एकमात्र डॉक्टर थे.
उन्होंने बताया कि कैप्टन की हालत बहुत खराब थी और उनके सिर और हाथों से बहुत ज़्यादा खून बह रहा था.
उन्होंने कहा, "मैं प्लेन में अकेला डॉक्टर था. मैंने खून बहना रोक दिया था और पायलट की हालत लैंडिंग से कुछ समय पहले तक काफी स्थिर थी, लेकिन फिर उनकी हालत थोड़ी बिगड़ गई."
शोता ने CNN को बताया कि पायलट के शरीर पर कई जगह कट के निशान थे. मुसाएव ने कहा, "उनके सिर और हाथों पर गहरे घाव थे, ऐसा लग रहा था जैसे वे लगभग दो हिस्सों में कट गए हों."
"उनकी हालत गंभीर थी - शायद 'क्रिटिकल' (जानलेवा) नहीं, लेकिन गंभीर ज़रूर थी क्योंकि उनका बहुत ज़्यादा खून बह चुका था."
सोशल मीडिया पर आए वीडियो फ़ुटेज में प्लेन के फ़र्श पर दो आदमी खून से लथपथ और घायल हालत में दिखाई दिए.
असाफ राजुआन और ज्विका मेनस
असाफ राजुआन और ज़्विका मेनस भी फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट पर सवार थे. राजुआन के अनुसार, बाथरूम के पास चीखें सुनाई दीं, प्लेन नियंत्रण खोकर 90 डिग्री कोण पर तेजी से गिरने लगा. कॉकपिट दरवाजा खुला था और वहां खून भरा हुआ दिख रहा था. उन्होंने ज़्विका मेनस समेत कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों के साथ मिलकर हमलावर को काबू किया.
असाफ राजुआन ने कहा, "लोग अंदर गए. ज़्विका मेन्स नाम का एक व्यक्ति मुझसे पहले वहां पहुंच गया था. मैं दो और लोगों के साथ अंदर गया और हमने हमलावर पर काबू पाने की कोशिश की, और हम कामयाब रहे."
उन्होंने आगे कहा, "हमें क्रू के कुछ सदस्यों से भी मदद मिली. हम हमलावर को 50 मिनट तक काबू में रखने और सऊदी अरब में लैंड करने में सफल रहे."
ज्विका मेनस ने कहा कि, "वहां बहुत खून था. प्लेन तेज़ी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा, जैसे हॉरर फ़िल्मों में होता है. चीख-पुकार मची हुई थी. जब तक पायलट ने प्लेन को संभाला, तब तक का समय बहुत मुश्किल भरा था."
बैंकर ज्विका मेनस ने बताया कि संदिग्ध हमलावर "सचमुच प्लेन को ज़मीन की तरफ़ ले जाने की कोशिश कर रहा था, और लोग इधर-उधर उछल रहे थे और चीख रहे थे."
मानेस ने कहा, "बाद में हमने उसे काबू में किया और बेअसर कर दिया. इसमें काफी शारीरिक ज़ोर लगाना पड़ा. वह एक मज़बूत आदमी था."
इस घायल सह पायलट का अभी सऊदी अरब में इलाज चल रहा है.
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