सलमान रुश्दी पर अटैक मामले में एक्शन, अमेरिका में हमलावर पर चलेगा टेरर केस

भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में हुए चाकू हमले के आरोपी हादी मतार पर अब अमेरिका में फेडरल आतंकवाद मामले में मुकदमा चलेगा. अभियोजन पक्ष हमले के पीछे उसके कथित मकसद को साबित करने की कोशिश करेगा.

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सलमान रुश्दी पर हमले के मामले में आरोपी को हो सकती है उम्रकैद( File Photo: AP) सलमान रुश्दी पर हमले के मामले में आरोपी को हो सकती है उम्रकैद( File Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी हादी मतार पर एक बार फिर मुकदमा चलेगा. इस बार उस पर फेडरल आतंकवाद मामले में सुनवाई होगी, जिसमें 2022 के चाकू हमले के पीछे उसके मकसद की जांच की जाएगी. मामले में शुरुआती दलीलें बुधवार (22 जुलाई) को न्यूयॉर्क के बफेलो फेडरल कोर्ट में पेश की जाएंगी। 79 वर्षीय सलमान रुश्दी इस मुकदमे के पहले गवाहों में शामिल हो सकते हैं. वहीं, 28 वर्षीय हादी मतार पहले ही न्यूयॉर्क की एक अदालत से हत्या की कोशिश और हमले के मामले में 25 साल की सजा पा चुका है.

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यह फेडरल कोर्ट उस आर्ट्स एंड इंटेलेक्चुअल रिट्रीट से करीब 113 किलोमीटर दूर है, जहां साल 2022 में रुश्दी पर हमला हुआ था. उस समय वह लेखकों की सुरक्षा पर भाषण देने वाले थे. बुकर पुरस्कार विजेता रुश्दी इस हमले में लगभग अपनी जान गंवा बैठे थे और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी. उन्होंने इस हमले और अपने ठीक होने के अनुभव के बारे में कोर्ट में, अपनी किताब और कई इंटरव्यू में बात की है.

साल 2024 में एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में रुश्दी ने कहा था कि 'जब आप मौत को इतने करीब से देखते हैं, जितना बिना मरे देखा जा सकता है, तो उसकी परछाई हमेशा आपके साथ रहती है.'

रुश्दी का जन्म भारत में हुआ था और उनका पालन-पोषण ब्रिटेन में हुआ.उन्हें दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने नाइट की उपाधि दी थी। वह अब अमेरिकी नागरिक हैं. उन्होंने 1981 में 'मिडनाइट्स चिल्ड्रेन' के लिए बुकर पुरस्कार जीता था.यह नोबेल भारत की आजादी के समय से शुरू होने वाली एक पर्सनल और राष्ट्रीय जर्नी पर आधारित है.

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आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया 

फेडरल मामले में हादी मतार ने खुद को निर्दोष बताया है. हालांकि, दोषी साबित होने पर उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है. प्रॉसिक्यूटर पक्ष का आरोप है कि उसने ईरान की धर्म के आधार पर चलने वाली सरकार और ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के प्रति वफादारी के चलते यह हमला किया.वहीं, मतार के वकील नथानिएल बैरोन ने कहा कि वह अदालत में शुरुआती दलील पेश करेंगे. मुकदमे से पहले बचाव पक्ष ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़े कुछ सबूत हटाने की भी कोशिश की थी.

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