नेपाल की बाढ़ ने नुवाकोट में कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है. हालात कितनी तेजी से बिगड़े, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ जगहों पर महज 4 मिनट में सब कुछ पानी में बह गया. अब कई लोग अपनों की तस्वीरें लेकर उन्हें ढूंढ रहे हैं.
नुवाकोट से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने उस दिन की पूरी कहानी बताई. चश्मदीदों के मुताबिक, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि संभलने का मौका तक नहीं मिला. जिस जगह कुछ देर पहले लोग सामान्य तरीके से मौजूद थे, वहां देखते ही देखते पानी और मलबा फैल गया.
एक चश्मदीद ने बताया कि घटना के वक्त एक होटल में करीब 20 लोग खाना खा रहे थे. हालात बिगड़ते देख लोगों ने भागकर जान बचाई. चश्मदीद ने बताया कि '4 से 5 मिनट के भीतर वहां का पूरा मंजर बदल गया'.
अपनों की तस्वीर लेकर पहुंचे परिवार
इस त्रासदी के बाद नुवाकोट में लोग हाथों में अपनों की तस्वीरें थामे दर-दर भटक रहे हैं, ताकि किसी तरह कोई सुराग मिल सके. हर आने-जाने वाले से बस एक ही सवाल है कि क्या उन्होंने उनकी तस्वीर वाले चेहरे को देखा है? स्थानीय लोगों के मुताबिक, सैलाब की मार इतनी तेज थी कि पहाड़ पर बना पावर प्रोजेक्ट, मजबूत पुल और कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं.
छत पर फंसे लोगों का रेस्क्यू
मौके पर राहत और बचाव का काम भी जारी है. रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने बताया कि एक जगह करीब 40 से 50 लोग छत पर फंसे हुए थे. उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई. इसी दौरान एक कुत्ते का भी रेस्क्यू किया गया. नुवाकोट में अभी भी बाढ़ का असर साफ नजर आ रहा है. लोग नुकसान के बीच अपने परिवार वालों की खबर का इंतजार कर रहे हैं.
इस बीच रसुवा के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में तैनात इंजीनियर संतोष पांडे की पत्नी ने प्रशासन से गुहार लगाई है. उन्होंने बताया कि संतोष अपने 6 साथियों के साथ बीते तीन दिनों से वहीं फंसे हैं, ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए.
उन्होंने सरकार से जल्द रेस्क्यू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें अब तक पति और वहां फंसे दूसरे लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. परिवार को उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित होंगे.
श्वेता सिंह / पंकज दास