क्या नेपाल में 'Made In China' है फ्लैश फ्लड? आ गया बीजिंग का जवाब

नेपाल-चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ को लेकर चीन पर सवाल उठ रहे हैं. नेपाली पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया कि बीजिंग ने नेपाल को बाढ़ के खतरे की समय पर जानकारी नहीं दी. अब नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने जवाब देते हुए कहा है कि चीन खुद भारी नुकसान के बावजूद नेपाल को तुरंत राहत सामग्री और आर्थिक सहायता मुहैया करा रहा है.

Advertisement
नेपाल में आई तबाही के लिए चीन पर आरोप लगाए जा रहे हैं. (Photo- PTI) नेपाल में आई तबाही के लिए चीन पर आरोप लगाए जा रहे हैं. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:27 AM IST

नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बाद चीन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं. नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया कि चीन ने बाढ़ के खतरे को लेकर नेपाल को समय रहते सूचना नहीं दी. इन आरोपों के बीच नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने प्रतिक्रिया दी है. चीन की तरफ से किए जा रहे राहत प्रयासों की जानकारी दी है.

Advertisement

चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि इस हादसे में चीन और नेपाल दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और भारी नुकसान हुआ है.

यह भी पढ़ें: नेपाल महाजलप्रलय... जब हिमालय दरका और भोटेकोशी बन गई मौत का सैलाब- 5 पॉइंट्स में पूरी कहानी

राजदूत ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस मुश्किल वक्त में चीन नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने दावा किया कि चीन की तरफ भी इस आपदा से काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इसके बावजूद बीजिंग ने नेपाल के लिए आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता का तुरंत इंतजाम किया.

‘हर संभव मदद करेगा चीन’

झांग माओमिंग ने कहा कि चीन नेपाल को आगे भी हर संभव सहायता देने की कोशिश करेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश मिलकर इस मुश्किल दौर से निकलेंगे और प्रभावित इलाकों में दोबारा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम करेंगे.

Advertisement

हालांकि, चीनी राजदूत ने नेपाल के पत्रकारों की तरफ से लगाए गए उस आरोप पर सीधे जवाब नहीं दिया कि चीन ने नेपाल को बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं दी. उनका बयान मुख्य रूप से चीन की तरफ से दी जा रही राहत और आर्थिक सहायता पर केंद्रित रहा.

यह भी पढ़ें: मलबे में बह गए घर-होटल-हाइड्रो प्रोजेक्ट, नेपाल के पहाड़ों में जलप्रलय... इन 5 जगहों पर सबसे ज्यादा तबाही

ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी क्षेत्र दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र है. ऐसे में बाढ़ के बाद सूचना साझा करने और आपदा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों ने इस प्राकृतिक आपदा को कूटनीतिक बहस से भी जोड़ दिया है. फिलहाल दोनों देशों में राहत और बचाव अभियान जारी है.

चीन के 265 लोगों के लापता होने का दावा

नेपाल और चीन में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 163 हो गई है. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 403 लोग लापता बताए जा रहे हैं. वहीं, चीन में भी हालात बेहद गंभीर हैं और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई इस भीषण बाढ़ ने दोनों देशों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »