नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद भूकंप के झटके, 5.3 रिक्टर स्केल से कांपी धरती

तिब्बत और नेपाल में बुधवार को 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 35 किलोमीटर दर्ज की गई. हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद आए इन झटकों से पर्वतीय क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है.

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नेपाल में महसूस किए गए भूकंप के झटके. (सांकेतिक फोटो) नेपाल में महसूस किए गए भूकंप के झटके. (सांकेतिक फोटो)

पंकज दास

  • काठमांडू,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

नेपाल के मुस्तांग में बुधवार को भूकंप के झकटे महसूस हुए, जिससे बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों से बाहर निकाल आए. भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं है. हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद आया भूकंप ने पर्वतीय क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है और हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके.

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भूकंप मापन केंद्र के प्रमुख लोकविजय अधिकारी के अनुसार, नेपाल के मुस्तांग जिले में बुधवार रात 9 बजकर 53 मिनट पर 5.3 तीव्रता का तेज भूकंप दर्ज किया गया. इस भूकंप का केंद्र लोमन्थांग क्षेत्र में था. उन्होंने बताया किभूकंप के झटके तिब्बत के अलावा नेपाल के मुस्तांग, बागलुंग, धौलागिरि क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए. हालांकि, भूकंप से हुए नुकसान का विवरण अभी सामने नहीं आया है.

यूरोपियन–मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, ये हलचल जमीन की सतह से करीब 35 किलोमीटर की गहराई में दर्ज की गई. इस भूकंप के तेज झटके तिब्बत के साथ नेपाल के मुस्तांग, बागलुंग, धौलागिरि और देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए.

इससे पहले EMSC ने बताया कि बुधवार को तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता  5.3 रही.  ये भूकंप 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर दर्ज किया गया. झटकों के बाद किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है.

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ये ताजा भूकंप नेपाल-तिब्बत क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कुछ दिनों बाद आया है. इस प्राकृतिक घटना ने इस पर्वतीय हिमालयी क्षेत्र की परिस्थितियों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह इलाका प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बना हुआ है.

प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम और दुर्गम पहाड़ी इलाके को देखते हुए संबंधित अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. प्रभावित हिस्सों में निगरानी जारी है ताकि किसी भी तरह के खतरे से समय रहते निपटा जा सके.

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