'इस बार गोली नहीं चूकेगी', ईरान के सरकारी चैनल से डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी

वॉशिंगटन-तेहरान तनाव के बीच ईरानी सरकारी टीवी पर ट्रंप के खिलाफ प्रसारित संदेश ने हालात और भड़का दिए हैं. उधर, ईरान में जारी प्रदर्शनों, सख्त कार्रवाई और फांसी की खबरों पर ट्रंप की कड़ी चेतावनी से सैन्य टकराव की आशंका गहराती दिख रही है.

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डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया में एक कैंपेन रैली के दौरान हुआ था (फोटो- AFP) डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला जुलाई 2024 में पेन्सिलवेनिया में एक कैंपेन रैली के दौरान हुआ था (फोटो- AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:15 AM IST

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालात नाजुक हैं. इस बीच ईरानी सरकारी टेलीविजन ने आग में घी डालने का काम किया है. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक सीधी धमकी जैसा प्रतीत होने वाला संदेश प्रसारित किया, जिसमें 2024 में एक चुनावी रैली में हुए हत्या के प्रयास की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था.

विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सरकारी टीवी ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में आयोजित चुनावी रैली से ट्रंप की एक तस्वीर प्रसारित की, जहां उन्हें गोली छूकर निकल गई थी. इसके साथ ही एक संदेश भी दिखाया गया, जिसमें लिखा था- इस बार यह (गोली) लक्ष्य से नहीं चूकेगी.

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इस प्रसारण के ज़रिए तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को अब तक की सबसे खुली धमकी दी है. वह भी ऐसे वक्त में जब ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं. ईरानी अधिकारियों ने वॉशिंगटन पर देश में आंतरिक अशांति का इस्तेमाल संभावित हस्तक्षेप के औचित्य के रूप में करने का आरोप लगाया है.

यह धमकी उन दावों के बाद आई है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सेनाओं को फिर से तैनात करना शुरू कर दिया है, जिसमें मध्य पूर्व में स्थित उसके सबसे बड़े सैन्य अड्डे से सैनिकों की आवाजाही की खबरें भी शामिल हैं. यह आशंका जताई जा रही है कि अगर हमला हुआ तो ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है. यह निर्णय तब आया जब तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कतर के दोहा के बाहर अल उदैद हवाई अड्डे पर जून 2025 में हुए जवाबी हमले का जिक्र किया.

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ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी

मंगलवार को सीबीएस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर अपनी कार्रवाई को और तेज करता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका जोरदार जवाब देगा.

फांसी की खबरों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "अगर वे ऐसा कुछ करते हैं तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे. जब वे हजारों लोगों को मारना शुरू कर देंगे - और अब आप मुझे फांसी की बात बता रहे हैं - तब हम देखेंगे कि इसका उन पर क्या असर होता है."

ईरानी अधिकारियों ने इन टिप्पणियों को सैन्य हस्तक्षेप का बहाना बताकर खारिज कर दिया है, क्योंकि देश के भीतर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. ईरान से लौटे प्रत्यक्षदर्शियों ने तेहरान के कुछ हिस्सों में भारी सुरक्षा तैनाती और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़पों का वर्णन किया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के नेतृत्व वाला ईरानी नेतृत्व हालिया क्षेत्रीय संघर्षों और घरेलू अशांति के बाद पहले से ही तनाव में है.

दिसंबर में विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुए जब ईरानी रियाल का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया, जिससे पहले से ही प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरान की मुश्किलें और बढ़ गईं, जो मुख्य रूप से उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर हैं.

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मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने बताया कि मारे गए लोगों में से 2,400 से अधिक प्रदर्शनकारी थे, जबकि 147 का संबंध सरकार से था. समूह ने कहा कि 18,400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

बुधवार को ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों में मारे गए 100 सुरक्षाकर्मियों के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार का आयोजन किया. हजारों लोग इस समारोह में शामिल हुए, जिन्होंने ईरानी झंडा और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लहराईं.

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