फाइनली खुलने जा रहा होर्मुज स्ट्रेट? अपनी इस एक जिद पर समझौते को तैयार ईरान

न्यूयॉर्क में यूएस और ईरान के बीच ऐसी चरणबद्ध डील पर बात हो रही है, जिसमें तेहरान होर्मुज स्ट्रेट खोले और बदले में वॉशिंगटन आर्थिक नाकेबंदी हटाए. असली अड़चन यही है कि दोनों में से कोई भी अपनी बढ़त पहले छोड़ना नहीं चाहता, इसलिए भरोसेमंद समझौते का ढांचा सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.

Advertisement
होर्मुज खोलने के लिए ईरान अपनी जिद पर समझौते को तैयार है. (Photo: ITG) होर्मुज खोलने के लिए ईरान अपनी जिद पर समझौते को तैयार है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

करीब सात महीने से जारी अमेरिका-ईरान जंग और तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट सबसे बड़ा सौदेबाजी का मुद्दा बना हुआ है. ईरान इस स्ट्रेट को खोलने के बदले अमेरिका से आर्थिक नाकेबंदी हटाने की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका चाहता है कि इस अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो. ईरान गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने का प्लान पहले ही बना चुका है. अब ईरान का कहना है कि वे इस फीस के मामले पर समझौता कर सकता है लेकिन होर्मुज पर अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहता है.

Advertisement

ईरानी, क्षेत्रीय और पश्चिमी अधिकारियों ने बताया है कि बातचीत में चरणबद्ध समझौते का रास्ता तलाशा जा रहा है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि संकट को चरणों में खत्म किया जा सकता है. पहले अमेरिका नाकेबंदी खत्म करे और फिर होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाए. ईरान को फ्रीज फंड तक पहुंच मिलने की संभावना भी इस समझौते का हिस्सा हो सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या सच में ट्रंप की हत्या करना चाहता है ईरान? राष्ट्रपति पेजेशकियान ने दिया ये जवाब

हालांकि, सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि दोनों पक्ष पहले अपनी ताकत छोड़ने को तैयार नहीं हैं. अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाए हुए है, जबकि ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट के जरिए दुनिया के अहम तेल मार्ग पर दबाव डालने का विकल्प है. ऐसे में दोनों देश अपनी-अपनी ताकत के बदले कुछ ठोस हासिल करना चाहते हैं.

Advertisement

ईरान पहले भी दे चुका ऑफर, लेकिन अब जिद छोड़ने को तैयार

ईरान पहले भी कह चुका है कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाता है तो वह एक हफ्ते के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोल सकता है. यह प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था. अब ईरान ने इसमें और लचीलापन दिखाया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए ट्रांजिट फीस लेने की अपनी मांग को मुख्य समझौते से हटाकर एक अलग दस्तावेज में रखने को तैयार है, क्योंकि इस वक्त उसकी प्राथमिकता नाकाबंदी खत्म करना है. हालांकि, खाड़ी देशों ने ट्रांजिट फीस देने के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि अगर कोई समझौता होता भी है तो वह अस्थायी होगा और इसका मतलब यह नहीं होगा कि ईरान ने ट्रांजिट फीस को लेकर अपना रुख पूरी तरह छोड़ दिया है.

यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अब अमेरिका दाग रहा लेजर हथियार, ईरानी ड्रोन-मिसाइल हो रहे तबाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि 3 नवंबर के मिडटर्म चुनावों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है. वहीं अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान पर दबाव काफी ज्यादा है और वॉशिंगटन अपनी शर्तों पर फैसला करेगा.

Advertisement

होर्मुज खुला तो दुनिया को बड़ी राहत

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस शिपिंग रूट में से एक है. इसके बंद रहने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर दबाव बढ़ा है. अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में इसी स्ट्रेट को लेकर समझौते की संभावना सामने आने से बाजारों की नजर भी इन वार्ताओं पर है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »