ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने गुरुवार को साफ कहा कि तेहरान परमाणु बम नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए पेश करने को तैयार है. इसके साथ ही उन्होंने मध्य पूर्व में करीब सात महीने से चल रहे युद्ध के लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया और अमेरिका पर कूटनीति का रास्ता रोकने का आरोप लगाया.
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में पेजेशकियन से पूछा गया कि क्या ईरान परमाणु बम चाहता है. इस पर उन्होंने साफ शब्दों में इससे इनकार किया. उन्होंने कहा, 'बिल्कुल नहीं. बिल्कुल नहीं. हमारे शहीद, सम्मानित सर्वोच्च नेता ने कई बार घोषणा की थी कि धार्मिक आदेश के तहत यह अपवित्र है. यह अवैध है.' उन्होंने सामूहिक विनाश के हथियारों के खिलाफ जारी धार्मिक आदेशों का भी हवाला दिया.
पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम के उस स्तर तक संवर्धन को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच होती रही है, जो आमतौर पर नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए इस्तेमाल होने वाले स्तर से काफी अधिक है. यही स्थिति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए फरवरी में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू करने का मुख्य आधार बनी थी.
हालांकि, पेजेशकियन ने कहा कि परमाणु तनाव कम करने के लिए तेहरान यूरेनियम संवर्धन का स्तर कम करने और बाहरी सत्यापन की अनुमति देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, 'हम उन्हें कमजोर करने के लिए तैयार हैं. यह कोई बड़ी बात नहीं है. हम खुद को सत्यापन के लिए पेश करने को तैयार हैं.'
समझौते का भी किया जिक्र
पेजेशकियन ने जून में उनके और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए उस विफल समझौता ज्ञापन यानी एमओयू का भी जिक्र किया, जिसका उद्देश्य संघर्ष को रोकना और व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते के लिए एक ढांचा तैयार करना था. वॉशिंगटन की योजना के मुताबिक, इस प्रक्रिया के जरिए ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना था और अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों की प्रक्रिया तय की गई थी.
ट्रंप के साथ हुए समझौते को लेकर पेजेशकियन ने कहा, 'हमें कोई समस्या नहीं है. हम आपके राष्ट्रपति के साथ एक समझौते पर पहुंचे थे.' उन्होंने कहा कि उस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे और ईरान उसके आधार पर आगे बढ़ने के लिए तैयार था और अब भी ऐसा करना चाहता है.
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका की आलोचना की
उन्होंने कहा कि समझौते के ढांचे पर सहमति बनी थी. पेजेशकियन ने यह भी कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया था और यह बिना किसी कानूनी औचित्य या ढांचे के खुला था. पेजेशकियन ने आगे कहा, 'उन्होंने हम पर हमला किया. उन्होंने हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता, हमारे वैज्ञानिकों, हमारे सैन्य कमांडरों और सरकार की हत्या की और उन्हें शहीद कर दिया.'
इसके बाद उन्होंने कूटनीति के टूटने के लिए वॉशिंगटन की आलोचना की, लेकिन कहा कि तेहरान अभी भी समझौते के लिए तैयार है. पेजेशकियन ने कहा, 'समस्या यह है कि अमेरिका बातचीत करने के बजाय पहले हम पर बमबारी करके मैदान में उतरता है, हर रास्ता बंद कर देता है. हम तैयार हैं.'
ईरान को अपना बचाव करना होगा
उन्होंने कहा कि दुनिया के मंच पर इस तरह व्यवहार नहीं किया जाता. उनके मुताबिक, अमेरिका ईरान के पास मौजूद चीजों को देखने के लिए स्वतंत्र रूप से आ सकता है, लेकिन ईरान को दबाव और नाकेबंदी में रखकर उसकी पहुंच नहीं रोकी जानी चाहिए. पेजेशकियन ने युद्ध के लिए भी वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, 'हम अमेरिकियों को मारना नहीं चाहते, जैसा कि हमारे कार्यों, हमारे स्पष्ट कार्यों से साबित होता है. अमेरिका ने ईरानियों को मारने की कोशिश की है.' उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमला किया जाता है, तो उसे अपना बचाव करना होगा.
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