PM मोदी ने की होर्मुज खोलने की वकालत, डच PM संग किए 17 बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड्स के पीएम रॉब जेटन की मुलाकात में रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, क्रिटिकल मिनरल्स और व्यापार समेत 17 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री व्यापार और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख पर भी जोर दिया.

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भारत-नीदरलैंड्स ने 17 समझौते किए हैं. (Photo- X/Narendra Modi) भारत-नीदरलैंड्स ने 17 समझौते किए हैं. (Photo- X/Narendra Modi)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के रिश्तों को नई ऊंचाई मिल गई. द हेग में शनिवार को हुई बैठक में पीएम मोदी और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने दोनों देशों के संबंधों को "स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" तक बढ़ाने का ऐलान किया. इस दौरान रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा, कृषि और तकनीक समेत कई अहम क्षेत्रों में 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए.

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बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई. खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर उसके असर को लेकर दोनों देशों ने चिंता जाहिर की.

पीएम मोदी और रॉब जेटन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है. दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में "फ्रीडम ऑफ नेविगेशन" यानी सुरक्षित और खुले समुद्री मार्गों के समर्थन की बात कही.

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यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ रहा है. दुनिया की करीब 20 फीसदी ऊर्जा सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है, इसलिए इस इलाके में अस्थिरता पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

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पीएम मोदी ने डच पीएम संग यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की

पीएम मोदी और जेटन ने यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा की. दोनों नेताओं ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान की जरूरत पर जोर दिया.

बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड्स ने "स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप" लॉन्च किया, जिसके जरिए व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा. दोनों देशों ने ग्रीन हाइड्रोजन के विकास के लिए भी एक बड़ा रोडमैप तैयार किया.

रक्षा क्षेत्र में भी भारत-नीदरलैंड्स ने बढ़ाए सहयोग

रक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया. दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप बनाने पर सहमति जताई, जिसके तहत संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों और सिस्टम का निर्माण किया जा सकता है. इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट वेंचर पर भी फोकस रहेगा.

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सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए नीदरलैंड्स के "सेमिकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर" को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की पहल का स्वागत किया गया. इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी सहमति बनी.

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भारत-नीदरलैंड्स के बीच बढ़ा व्यापार

भारत और नीदरलैंड्स के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया. नीदरलैंड्स भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक भी है. वहीं रॉटरडैम पोर्ट भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का अहम गेटवे माना जाता है.

इस दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों ने एकजुटता दिखाई. नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया. दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाना जरूरी है और इस मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए.
 

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