भारत के ग्लोबल रीच को बड़ा बूस्ट... IMEC को ट्रंप का खुला समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इससे मिडिल ईस्ट की ऊर्जा सप्लाई को ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों से दूर ले जाने में मदद मिल सकती है.

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PM नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (File Photo) PM नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:07 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए एक बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर खुला समर्थन जताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान GCC और अरब देशों के नेताओं के साथ बैठक में ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चोकपॉइंट से दूर ले जाने की जरूरत है.

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ट्रंप ने कहा कि पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर ईरान के हमलों ने इस जरूरत को और साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन IMEC और तेल को बाहर निकालने के दूसरे रास्तों का मजबूती से समर्थन करता है. इसमें पाइपलाइन और दूसरे विकल्प भी शामिल हैं. ट्रंप ने कहा कि साथ मिलकर मिडिल ईस्ट के सामने दशकों से चली आ रही चुनौतियों को दूर करने का मौका है.

यह भी पढ़ें: ईरान का खात्मा, सुपर इंटेलिजेंस, ग्रीनलैंड, 8 युद्ध... UN की स्पीच में क्या-क्या बोले ट्रंप?

2023 में सामने आया था IMEC का प्लान

भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को 2023 में सामने लाया गया था. इसका मकसद भारत को खाड़ी क्षेत्र के जरिए यूरोप से जोड़ना है. इसके तहत एक ईस्टर्न कॉरिडोर भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ेगा, जबकि नॉर्दर्न कॉरिडोर खाड़ी को यूरोप से जोड़ेगा.

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इस कॉरिडोर में रेलवे और शिप-रेल ट्रांजिट नेटवर्क के साथ सड़क परिवहन के रास्ते भी शामिल हैं. ट्रंप के ताजा समर्थन से IMEC को लेकर अमेरिका की रणनीतिक सोच भी सामने आई है. ट्रंप ने इसे मिडिल ईस्ट की ऊर्जा सप्लाई को वैकल्पिक रास्तों से जोड़ने के संदर्भ में रखा.

ईरान को फिर दी सख्त चेतावनी

बैठक में ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक तौर पर अलग-थलग कर दिया है और उम्मीद है कि ईरान जल्द सही फैसला करेगा. ट्रंप ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब बहुत देर हो जाएगी और अमेरिका के पास ईरान को एक राष्ट्र के तौर पर बने रहने देने का मौका नहीं होगा.

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ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ बैठक में मौजूद देशों के नेता भी चाहते हैं कि ईरान जल्द सही कदम उठाए. उन्होंने GCC और अरब देशों के नेताओं को अमेरिका के करीबी सहयोगी और साझेदार बताया और कहा कि उनका मकसद मिडिल ईस्ट को ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बनाना है.

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में जंग और कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के बीच ऊर्जा सप्लाई के वैकल्पिक रास्तों को लेकर चर्चा तेज है. ऐसे में IMEC को लेकर अमेरिका का खुला समर्थन भारत के लिए भी अहम माना जा रहा है.

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