इजरायली अटैक में तबाह हो गए घर, हिज्बुल्लाह देगा 14 हजार डॉलर का मुआवजा

इजरायल के साथ युद्ध के दौरान लेबनान में जिन परिवारों के घर तबाह हुए हैं, उन्हें हिज्बुल्लाह नेआर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. हिज्बुल्लाह प्रभावित परिवारों को 14,000 अमेरिकी डॉलर तक की मदद देने करेगा. हालांकि, इस योजना से कुल कितने परिवारों को फायदा होंगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है.

Advertisement
हिज्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने अली दामौश ने मदद का ऐलान किया. (Photo- Reuters) हिज्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने अली दामौश ने मदद का ऐलान किया. (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • बेरूत,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:29 PM IST

इजरायल के साथ युद्ध के दौरान लेबनान में जिन लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो गए या रहने लायक नहीं बचे, उन्हें हिज्बुल्लाह मुआवजा देगा. हिज्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने प्रभावित परिवारों को 14,000 अमेरिकी डॉलर तक की मदद देने का ऐलान किया है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अली दामौश ने लेबनान सरकार पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वो विस्थापित लोगों की मदद करने के अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में नाकाम रही है. 

Advertisement

उन्होंने बताया कि बेरूत और उसके दक्षिणी उपनगरों में जिन परिवारों के घर उजड़े हैं, उन्हें 14,000 अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे, जबकि लेबनान के बाकी हिस्सों में प्रभावित परिवारों को 12,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे.

इस कुल रकम में 8,000 डॉलर सिर्फ फर्नीचर के लिए हैं, जबकि बाकी की रकम किराए का खर्च उठाने के मकसद से दी जा रही है. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि इस योजना से कुल कितने परिवारों को फायदा मिलेगा और इस पर कुल कितना खर्च आएगा. माना जा रहा है कि ये धन ईरान से आया है, जिसने दशकों से हिज्बुल्लाह को अरबों डॉलर और हथियार मुहैया कराए हैं.

इस कदम का मकसद ईरान समर्थित इस संगठन और राजनीतिक दल के अपने आधार के बीच समर्थन को मजबूत करना है. इसके साथ ही लेबनान सरकार और अमेरिका को चुनौती देना है, जो हिज्बुल्लाह की फंडिंग रोकने की कोशिश कर रहा है.

Advertisement

पहली बार हिज्बुल्लाह की ओर से मदद का ऐलान

बता दें कि ये पहली बार है जब इजरायल के साथ हुए दो युद्धों के बाद हिज्बुल्लाह की ओर से इस तरह की वित्तीय मदद की पेशकश की गई है. इन युद्धों में लेबनान में 8,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे और हजारों घर तबाह हो गए थे.

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के मुताबिक, युद्ध के चरम पर लगभग 1.2 मिलियन (12 लाख) लोग विस्थापित हुए थे. हालांकि सीजफायर के बाद ज्यादातर लोग अपने घर लौट आए हैं, लेकिन अभी भी 300,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हैं.

इस बीच, अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने लेबनान के मीडिया आउटलेट 'दिस इज बेरूत' से पिछले हफ्ते कहा था कि हिज्बुल्लाह ने वादा किया कि ये पैसा अस्तित्व में ही नहीं है. उन्होंने कहा था कि अगर ये पैसा ईरान में भी हुआ, तो भी हमारी कोशिशों के कारण ये हिज्बुल्लाह तक नहीं पहुंच पाएगा.

यह भी पढ़ें: अब पेजर में हिज्बुल्लाह जैसी सेंध नहीं लग पाएगी, भारतीय कंपनी ने किया कमाल

'उन्हें आश्रय देने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे'

इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अली दामौश ने कहा, 'हम अमेरिकी प्रशासन के बयानों से परेशान नहीं हैं. हम अपने लोगों की सेवा करने के लिए काम कर रहे हैं और उन्हें आश्रय देने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे ताकि वो अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकें.'

Advertisement

उन्होंने कहा कि मामलों की समीक्षा करने और मुआवजा हासिल करने के लिए लोगों को हिज्बुल्लाह के बनाए गए केंद्रों पर जाना होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »