व्हाइट हाउस के UFC इवेंट पर हमले की साजिश नाकाम, FBI का बड़ा खुलासा

एफबीआई ने व्हाइट हाउस के हॉल में आयोजित अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) इवेंट पर ड्रोन हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों का मकसद भगदड़ मचाकर स्नाइपर्स के जरिए वीआईपी मेहमानों पर गोलियां चलाना था.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इवेंट में शामिल थे (Reprentation Image/File) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इवेंट में शामिल थे (Reprentation Image/File)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

अमेरिकी इन्वेस्टिगेशन एजेंसी एफबीआई ने मंगलवार को बताया कि व्हाइट हाउस के हॉल में आयोजित अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप इवेंट के दौरान एक बड़े हमले की साजिश रची गई थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया.

कोर्ट के डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच संदिग्ध लोगों को पकड़ लिया है. इन लोगों ने वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर होने वाले वीआईपी इवेंट को निशाना बनाने की पूरी प्लानिंग कर ली थी.

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एफबीआई के अनुसार, हमलावर इस साजिश में विस्फोटकों से लदे ड्रोन्स का इस्तेमाल करने वाले थे. उनका प्लान व्हाइट हाउस के उत्तरी हिस्से पर ड्रोन से धमाका करने का था.


हमलावरों की खतरनाक प्लानिंग

इस हमले का मुख्य मकसद वहां मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मचाना था. हमलावर चाहते थे कि धमाके के बाद लोग डरकर एक खास एग्जिट गेट की तरफ भागें, जहां पहले से ही स्नाइपर्स छिपे रहने वाले थे.

साजिश के मुताबिक, ये शूटर बाहर की ओर भागते हुए नेताओं और मेहमानों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने की फिराक में थे. हालांकि, अलर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरी साजिश को पहले ही नाकाम कर दिया. राहत की बात ये रही कि पूरा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट बिना किसी घटना के शांति से पूरा हो गया. इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे.

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हमलावरों का मकसद

इस इवेंट में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शामिल हुए थे. दरअसल, ये कार्यक्रम उनके 80वें जन्मदिन के मौके पर रखा गया था. साथ ही इसमें अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही थी.

राष्ट्रपति ट्रंप के अलावा इस समारोह में कई सीनियर रिपब्लिकन सांसद, बड़े डोनर्स और प्रशासन के उच्च अधिकारी भी मौजूद थे. इतनी बड़ी संख्या में वीआईपी लोगों की मौजूदगी के कारण ही हमलावरों ने इस इवेंट को चुना था.

कोर्ट के दस्तावेजों से पता चला है कि पकड़े गए पांचों आरोपी सरकार-विरोधी कॉन्स्पिरेसी थ्योरी में यकीन रखते थे. वो यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े केस की जांच के तरीके से नाराज थे और इसी गुस्से में उन्होंने ये खतरनाक कदम उठाया था.

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