व्हाइट हाउस (White House) अमेरिका के राष्ट्रपति (American President) का आधिकारिक निवास और कार्यस्थल है. यह वाशिंगटन, डीसी (Washington DC) में 1600 पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू पर स्थित है. सन् 1800 में जब अमेरिका की राजधानी को फिलाडेल्फिया से वाशिंगटन, डीसी में स्थानांतरित किया गया, तब से हर अमेरिकी राष्ट्रपति का यह निवास और ऑफिस रहा है.
व्हाइट हाउस को आयरिश मूल के वास्तुकार जेम्स होबन ने नए शैली में डिजाइन किया था. होबन ने डबलिन में लेइनस्टर हाउस पर इमारत का मॉडल तैयार किया. इसका निर्माण 1792 और 1800 के बीच हुआ, जिसमें सफेद रंग से रंगे एक्विया क्रीक बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया था (White House Architecture).
1814 में, 1812 के युद्ध के दौरान, वाशिंगटन के बर्निंग में ब्रिटिश सेना ने हवेली को आग लगा दी थी, जिससे इसका अंदर भाग नष्ट हो गया और बाहरी भाग का अधिकांश हिस्सा जल गया. पुनर्निर्माण लगभग तुरंत शुरू हो गया और राष्ट्रपति जेम्स मोनरो अक्टूबर 1817 में वाइट हाउस में चले गए. 1824 में अर्धवृत्ताकार दक्षिण पोर्टिको और 1829 में उत्तरी पोर्टिको के निर्माण के साथ बाहरी निर्माण जारी रहा (White House in War).
व्हाइट हाउस परिसर में ऑफिस, वेस्ट विंग, ईस्ट विंग, इजनहाॉवर ऑफिस, जो पहले विदेश विभाग के रूप में कार्य करता था, एक अतिथि निवास और ब्लेयर हाउस शामिल हैं. यह छह मंजिलों से बना है जिसमें ग्राउंड फ्लोर, स्टेट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर और थर्ड फ्लोर और दो मंजिला बेसमेंट है (White House Offices and Floors).
व्हाइट हाउस आम जनता के लिए भी खुला रहता है, लेकिन इसके लिए पहले से आवेदन करना होता है. इसे देखने के लिए अमेरिकी नागरिकों को अपने कांग्रेस प्रतिनिधि के माध्यम से अनुरोध करना पड़ता है, जबकि विदेशी पर्यटकों को अपने देश के दूतावास के माध्यम से आवेदन करना होता है.
क्या आप जानते हैं डोनाल्ड ट्रंप के ऑफिस में रखी टेबल पर एक लाल बटन लगा हुआ है. उनकी पोती काई ट्रंप ने अपने वीडियो में इसकी जानकारी दी है.
डोनाल्ड ट्रंप की पोती काई ट्रंप का एक वीडियो काफी चर्चा में है, जिसमें वो व्हाइट हाउस का टूर करवा रही हैं. इसमें वो व्हाइट हाऊस के कुछ सीक्रेट प्लेस भी दिखा रही हैं.
दुनिया के ताकतवर राष्ट्र कहे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में कैसे रहते हैं. उनके रहन सहन से जुड़ी कुछ अजीबोगरीब आदतों के खुलासे के बारे में एक किताब में दावा किया गया है. जानते हैं क्या है किताब में ट्रंप की आदतों को लेकर क्या दावा किया गया है?
जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात चर्चा का केंद्र रही. बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई. इस दौरान ट्रंप ने मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत और सख्त वार्ताकार बताया. उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों को भी अहम बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
एफबीआई ने व्हाइट हाउस के हॉल में आयोजित अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) इवेंट पर ड्रोन हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों का मकसद भगदड़ मचाकर स्नाइपर्स के जरिए वीआईपी मेहमानों पर गोलियां चलाना था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वें जन्मदिन पर ईरान के साथ युद्ध खत्म करने वाले समझौते का एलान किया है. ट्रंप ने इस बड़ी कामयाबी और अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में एक UFC केज फाइट शो का भी आयोजन किया.
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन का सालाना डिनर 25 अप्रैल को ट्रंप पर हुए हमले के कारण टाल दिया गया था. अब इसे 24 जुलाई को द वाल्डोर्फ एस्टोरिया में आयोजित किया जाएगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की और बताया कि वो खुद इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और भाषण देंगे.
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति अभी बाकी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के मसौदे में बदलाव और अधिक स्पष्ट शर्तों की मांग की है. खासतौर पर परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका अतिरिक्त आश्वासन चाहता है. इसी कारण अंतिम समझौते में अभी कुछ समय लग सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत जारी है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार खुलकर बताया है कि वह इस डील के पक्ष में क्यों हैं. ट्रंप का मानना है कि समझौते से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण सुनिश्चित होगा और होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य गतिविधियां बहाल हो सकेंगी. हालांकि दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर जारी बातचीत के बीच व्हाइट हाउस में हुई अहम बैठक बिना किसी अंतिम निर्णय के समाप्त हो गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की, लेकिन कई प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी. इस बीच अमेरिका ने सैन्य विकल्प खुले रखने के संकेत दिए हैं, जबकि ईरान ने कठोर शर्तों और दबाव की राजनीति पर आपत्ति जताई है.
व्हाइट हाउस ने एलियंस वेबसाइट लॉन्च की. हेडलाइन THEY WALK AMONG US के साथ एरिया 51 स्टाइल में शुरू होकर ये असल में अवैध प्रवासियों पर केंद्रित है. इमिग्रेशन सख्ती और गिरफ्तारियों को हाइलाइट करने वाला अभियान है.
डोनाल्ड ट्रंप ने लंबी मेडिकल जांच के बाद खुद को पूरी तरह फिट बताया, लेकिन उनकी उम्र, सूजे पैरों और हालिया तस्वीरों को लेकर फिर बहस छिड़ गई. मेडिकल रिपोर्ट जारी होने का इंतजार है. एक हालिया सर्वे में भी आधे से कम अमेरिकी नागरिकों ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए पूरी तरह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट माना.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हैदराबाद हाउस में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं. इन बैठकों में आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत ने आतंकवाद को एक व्यापक इकोसिस्टम बताया और पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर चिंता जताई.
यह तस्वीर उसी हमलावर की है जिसने 20 से 25 राउंड फायरिंग की थी. सुरक्षा बलों ने समय रहते हमले का जवाब देते हुए हमलावर को मार गिराया.
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से हड़कंप मचा.
वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग से हड़कंप मच गया. सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के मुताबिक आरोपी ने अपने बैग से हथियार निकालकर सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग की. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग के मामले में बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध हमलावर को गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई है।. प्रशासन ने पूरे इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया है ताकि किसी प्रकार की और घटना को रोका जा सके. यह घटना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि व्हाइट हाउस एक अत्यंत संवेदनशील जगह है.
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप उस समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे जब यह घटना घटी.
अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास एक व्यक्ति ने अपने बैग से गन निकाली और ताबड़तोड़ 20 से 25 राउंड फायरिंग शुरू कर दी. इससे तनाव फैल गया और जवाबी कार्रवाई में उस हमलावर की मौत हो गई. इस वारदात में सुरक्षा बलों की तत्परता ने बड़ी घटना होने से रोक दिया.
अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास गोली चलने की खबर से हड़कंप मच गया है. 20-25 राउंड फायरिंग की गई है. घटना के वक्त ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक 17th स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के पास, ये गोलीबारी हुई है. इस हमले के समय की एक वीडियो सामने आई है जहां एक महिला पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहीं थी और ठीक उसी समय ये फायरिंग हुई.
अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास गोली चलने की खबर से हड़कंप मच गया है. 20-25 राउंड फायरिंग की गई है. घटना के वक्त ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक 17th स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के पास, ये गोलीबारी हुई है. ये इलाका व्हाइट हाउस परिसर के बेहद करीब है, वारदात के बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया है.