ट्रंप की पार्टी हारी, अब मस्क की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानिए कैसे

मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मस्क ने चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों, राजनीतिक संगठनों और दूसरे समूहों पर 445 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किए थे. लेकिन टेक्सास में उनके समर्थन वाले केन पैक्सटन और ग्रेग एबॉट चुनाव हार गए. अब डेमोक्रेटिक सांसद मस्क की DOGE में भूमिका, उनकी कंपनियों को मिले सरकारी ठेकों और रूस से उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहे हैं.

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मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार के बाद एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. (File Photo-Reuters) मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार के बाद एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. (File Photo-Reuters)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का असर अब अरबपति कारोबारी एलन मस्क पर भी पड़ सकता है. मस्क चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे, लेकिन उन्होंने ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन नेताओं को जिताने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए थे. अब डेमोक्रेट्स को संसद के दोनों सदनों में बढ़त मिलने के बाद मस्क की कारोबारी गतिविधियों और ट्रंप प्रशासन में उनकी भूमिका की जांच हो सकती है.

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मस्क टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी बड़ी कंपनियों के मालिक हैं. चुनाव से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों, राजनीतिक संगठनों और दूसरे समूहों को 44.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा की आर्थिक मदद दी थी. इस चुनाव में वह सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने वाले डोनेटर रहे.

टेक्सास में मस्क का दांव पड़ा उलटा

दरअसल, मस्क ने टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा पैसा लगाया. उन्होंने वहां तकरीबन 22.5 करोड़ डॉलर खर्च किए. इसमें सीनेटर पद के उम्मीदवार केन पैक्सटन और गवर्नर ग्रेग एबॉट के चुनाव अभियान को समर्थन देना शामिल था. लेकिन दोनों उम्मीदवार हार गए. डेमोक्रेट्स ने टेक्सास के सभी राज्यस्तरीय पदों पर जीत दर्ज की.

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डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स तलारिको ने केन पैक्सटन को हराया. तलारिको ने चुनाव प्रचार के दौरान मस्क पर राजनीतिक प्रभाव खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि मस्क टेक्सास की जमीन, पानी, सरकारी पैसा और अपनी पसंद का सीनेटर चाहते हैं. जीत के बाद तलारिको ने कहा कि सत्ता जनता के हाथ में होनी चाहिए, अरबपतियों के हाथ में नहीं.

DOGE में मस्क की भूमिका पर उठेंगे सवाल

डेमोक्रेट्स अब ट्रंप प्रशासन में मस्क की भूमिका की भी जांच कर सकते हैं. मस्क ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती महीनों में सरकारी कामकाज में कटौती से जुड़े विभाग DOGE की कमान संभाली थी.

संसद में यह सवाल उठ सकता है कि क्या मस्क ने सरकारी पद का इस्तेमाल अपनी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया. यह भी जांच के दायरे में आ सकता है कि सरकारी पैसे और आंकड़ों का इस्तेमाल कैसे हुआ.

डेमोक्रेसी डिफेंडर्स फंड के मुताबिक, DOGE की जिम्मेदारी संभालने के चार महीनों के दौरान मस्क को सरकारी ठेकों के रूप में तकरीबन 6.3 अरब डॉलर मिले. इसके बाद उनकी कंपनियों को कम से कम 10 अरब डॉलर के और ठेके मिले. डेमोक्रेट सांसद जेम्स वॉकिनशॉ ने कहा कि मस्क को सरकारी खर्च में कटौती और DOGE की ओर से बताई गई बचत पर शपथ लेकर जवाब देना चाहिए.

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रूस और यूक्रेन को लेकर भी उठ सकते हैं सवाल

मस्क के रूस से संबंधों को लेकर भी डेमोक्रेट सांसद सवाल उठा रहे हैं. सीनेटर क्रिस कून्स ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मस्क के कॉनटैक्ट्स पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मस्क को समन भेजकर इन मुद्दों पर जवाब मांगा जा सकता है.

वहीं, कैलिफोर्निया के सांसद माइक लेविन ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के इस्तेमाल पर रोक लगाने के मस्क के फैसले पर सवाल उठाए. युद्ध के दौरान यूक्रेन में संचार और ड्रोन गतिविधियों के लिए स्टारलिंक अहम भूमिका निभाता है.

इसी कड़ी में, चुनाव नतीजों के बाद मस्क की कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई. बुधवार को स्पेसएक्स के शेयर करीब 4 फीसदी और टेस्ला के शेयर 3 फीसदी तक गिर गए. यह गिरावट ऐसे समय आई, जब डेमोक्रेट्स की जीत के बाद व्यापक शेयर बाजार में तेजी देखी गई.

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इस तरह चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर मस्क का बड़ा दांव सफल नहीं रहा. अब संसद में उनकी सरकारी भूमिका, कारोबारी हितों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर सवाल उठने की संभावना है.

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