क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी दुनिया हो जहां आपको सुबह उठकर ऑफिस भागने, 9 से 5 की नौकरी करने या टारगेट पूरे करने का कोई प्रेशर ही न हो? अगर नहीं सोचा है, तो टेक टायकून एलन मस्क की लेटेस्ट भविष्यवाणी आपके होश उड़ाने के लिए काफी है.
हाल ही में 'ऑल-इन समिट' के मंच पर एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स को लेकर एक ऐसा भविष्य का खाका खींचा है, जो हमारी सोच के बिल्कुल परे है. मस्क का साफ कहना है कि आने वाले दिनों में टेक्नोलॉजी इंसानों को लेबर या मजदूरी के बंधन से पूरी तरह आजाद कर देगी. आइए जानते हैं मस्क के इस 'फ्यूचर्सटिक विजन' की हर एक बड़ी बात...
'AI और रोबोट करेंगे सब कुछ, नौकरी बन जाएगी ऑप्शनल'
मस्क ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि आने वाले समय में AI और टेस्ला के ह्यूमनॉइड रोबोट 'ऑप्टिमस' मिलकर इंसानों की तरह हर काम करने में सक्षम हो जाएंगे. उन्होंने दो टूक कहा कि AI और रोबोट्स मिलकर सब कुछ कर सकेंगे, जिससे 'यूनिवर्सल हाई इनकम' पैदा होगी. इसके बाद काम करना या नौकरी करना इंसान की मजबूरी नहीं, बल्कि उसका ऑप्शन (विकल्प) बन जाएगा. आपको अब किसी कंपनी के लिए काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
मस्क का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ मैनुअल (शारीरिक) कामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्हाइट-कॉलर्स जॉब्स और डेटा प्रोसेसिंग जैसी एडवांस्ड नौकरियों पर भी असर डालेगा.
होगी सबकी बेहतरीन जिंदगी
लोग अक्सर 'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' (UBI) की बात करते हैं, जिसका मतलब लोगों को न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा देना है. लेकिन मस्क की सोच इससे बहुत आगे की यानी यूनिवर्सल हाई इनकम की है. उनका मानना है कि AI और ऑटोमेशन से इतनी प्रचुरता पैदा होगी कि लोग आज की तुलना में कई गुना ज्यादा सामान और सर्विस आसानी से पा सकेंगे. मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, एग्रीकल्चर और मेडिकल केयर जैसी चीजें इतनी सस्ती और सुलभ हो जाएंगी कि हर कोई एक बेहतरीन लाइफ जी सकेगा.
मस्क बोले, 'यह सफर इतना आसान भी नहीं होगा!'
भले ही एलन मस्क का यह विजन किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा हसीन लगे, लेकिन इसके साथ कई बड़े खतरे और चुनौतियां भी जुड़ी हैं. मस्क ने खुद यह माना है कि मशीनों के आने और नौकरियों के छिनने का यह दौर बहुत आसान नहीं होगा. जिन परिवारों की रोजी-रोटी सिर्फ सैलरी और मजदूरी पर टिकी है, वे भविष्य की इस 'बड़ी प्रचुरता' के आने से पहले आर्थिक संकट में फंस सकते हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस ऑटोमेटेड दुनिया में वेल्थ (धन) का डिस्ट्रीब्यूशन कैसे होगा और इन मशीनों का असली मालिक कौन होगा? मस्क ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पहले भी पॉडकास्ट में कहा था कि यह एक बंपी राइड (झटकेदार और कठिन सफर) होने वाला है.
आजतक एजुकेशन डेस्क