ट्रंप ने कनाडा के इस लेक पर किया 'कब्जा', पास कर दिया ऑर्डर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने का आदेश दिया, लेकिन यह सिर्फ अमेरिकी संघीय इस्तेमाल पर ही लागू होगा. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल और क्यूबेक के वेंडाट नेताओं ने इसका विरोध किया है.

Advertisement
लेक ओंटारियो कनाडा और अमेरिका दोनों में पड़ता है. (Photo- ITG) लेक ओंटारियो कनाडा और अमेरिका दोनों में पड़ता है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ एक और नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश जारी कर दिया. यह बदलाव सिर्फ अमेरिका की संघीय सरकार के इस्तेमाल तक सीमित है. यानी कनाडा, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं या दूसरे संगठन इस झील को अपने हिसाब से लेक ओंटारियो ही कह सकते हैं.

ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि अब लेक ओंटारियो का नाम तुरंत प्रभाव से लेक अमेरिका किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस नाम को बदलने के बारे में वह काफी समय से सोच रहे थे. यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर पहले से तनाव चल रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'नेपाल को जो भी मदद चाहिए, हम देंगे', भीषण त्रासदी के बाद ट्रंप ने बढ़ाया मदद का हाथ

कनाडा ने नाम बदलने से किया इनकार

राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के कुछ ही घंटों बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि उनका देश झील का नाम नहीं बदलेगा. कार्नी ने कहा कि इस झील का नाम कनाडा और अमेरिका दोनों देशों के अस्तित्व में आने से भी पहले से है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि कनाडाई लोग इतिहास को जानते हैं. झील को लेक ओंटारियो ही कहते रहेंगे. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल ने भी ट्रंप के फैसले को मानने से इनकार करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क इसे लेक अमेरिका नहीं कहेगा.

आधी से ज्यादा झील कनाडा में

लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की पांच ग्रेट लेक्स में से एक है. इसकी करीब 52 फीसदी सतह कनाडा में है, जबकि बाकी हिस्सा अमेरिकी राज्य न्यूयॉर्क से लगता है. यही वजह है कि ट्रंप के नाम बदलने के फैसले को कनाडा में सिर्फ नाम का बदलाव नहीं, बल्कि एक उकसावे के तौर पर देखा जा रहा है.

Advertisement

क्यूबेक के वेंडैट नेशन के चीफ ने भी फैसले की आलोचना की. उनके मुताबिक लेक ओंटारियो का नाम वेंडैट भाषा से जुड़ा है और इसका अर्थ झील की सुंदरता या विशालता से संबंधित है. उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलने की कोशिश इतिहास मिटाने जैसी है.

अमेरिका-कनाडा के बीच पहले से चल रहा तनाव

लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता भी तनावपूर्ण दौर में है. पिछले हफ्ते अमेरिका और कनाडा के बीच तीन दिनों तक चली बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. दोनों पक्षों ने बातचीत टूटने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया.

यह भी पढ़ें: 'भूकंप की तरह करेंगे पलटवार', ट्रंप के 'इकोनॉमिक D-Day' की धमकी पर भड़का ईरान... तेल की सप्लाई रोकने की दी चेतावनी

कनाडा को अमेरिका का राज्य बता चुके हैं ट्रंप

ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनने की बात कहकर चिढ़ाते रहे हैं. कनाडाई नेता इस विचार को लगातार खारिज करते रहे हैं. ट्रंप ने गुरुवार को यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह महासागरों के नाम बदलने पर भी विचार कर सकते हैं. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उनके पास एक गल्फ और एक लेक है, बस एक ओशियन की जरूरत बाकी है.

Advertisement

इससे पहले जनवरी 2025 में ट्रंप ने गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका करने का आदेश दिया था. हालांकि लेक ओंटारियो के मामले में बड़ा अंतर यह है कि झील का एक बड़ा हिस्सा कनाडा में आता है. इसलिए अमेरिका का आदेश कनाडा के आधिकारिक इस्तेमाल पर लागू नहीं होता.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »