अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण के दावे को लेकर ईरान ने पलटवार किया है. ट्रंप ने कहा था कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका होर्मुज को अपना क्षेत्र घोषित करेगा. इसके जवाब में ईरानी नेता इब्राहिम अजीजी ने तंज कसा कि 'ट्रंप को होर्मुज पर दावे करने के बजाय अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए, कहीं दोबारा फूड ट्रक में छिपने की नौबत न आ जाए'.
दरअसल, ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ईरान को पूरी तरह हराने के बाद वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना इस पूरे समुद्री रास्ते की नाकाबंदी कर रही है.
इस बयान से पहले भी दोनों देशों के बीच भारी तनाव बना हुआ था. होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से भारी मात्रा में कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और खाद की सप्लाई दुनिया भर में होती है.
ईरान ने फूड ट्रक का ताना क्यों मारा?
ट्रंप के बयान के अगले दिन ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व को होर्मुज को लेकर लगातार धमकियां देने के बजाय अपनी जान की हिफाजत सोचनी चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'ऐसा न हो कि ट्रंप को खुद किसी फूड ट्रक में छिपना पड़ जाए'.
यह टिप्पणी जुलाई में तुर्की दौरे से जुड़ी एक रिपोर्ट को लेकर की गई थी. नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अंकारा से रवाना होते वक्त ट्रंप को पहले एक बड़े विमान में सवार होते देखा गया था. बाद में खबर आई कि उन्हें एयरपोर्ट के भीतर एक कैटरिंग (खाना ले जाने वाले) ट्रक के जरिए दूसरे विमान तक पहुंचाया गया था.
क्या हुआ था तुर्की एयरपोर्ट पर?
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को बाद में एक छोटे सैन्य विमान में ले जाया गया. बड़ा विमान सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल हुआ था. उस वक्त पत्रकारों और कर्मचारियों को भी लगा कि ट्रंप उसी बड़े विमान में मौजूद हैं. ट्रंप ने बाद में खुद माना था कि सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के बाद उन्होंने विमान बदला था. हालांकि, ईरान से जुड़े कथित खतरे की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है.
'ट्वीट या धमकी से नहीं होगा कब्जा'
होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात को ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने भी सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते पर किसी ट्वीट, युद्धपोत, सरकारी आदेश या चुनावी भाषण के दम पर कब्जा नहीं किया जा सकता. उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी धमकी या ताकत के दिखावे से डरने वाला नहीं है.
ट्रंप के होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बनाने वाले बयान पर व्हाइट हाउस की तरफ से सफाई भी आई. एक अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में कहा कि ट्रंप ने यह बात सिर्फ मजाक में कही थी.
होर्मुज ईरान और अरब देशों के बीच स्थित है. दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए यह रास्ता बेहद अहम माना जाता है. यही वजह है कि दोनों तरफ से आई इस तीखी बयानबाजी को बड़े टकराव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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