इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा प्लान को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि युद्ध खत्म करने के उनके प्लान में बड़ी सफलता मिली है, जिस पर इजरायल और हमास दोनों सहमत हुए थे. इसके तहत इजरायली सेना पीछे हटेगी, हमास हथियार छोड़ेगा और एक इंटरनेशनल स्टैबिलाइजेशन फोर्स नई फिलिस्तीनी पुलिस बल के साथ मिलकर इलाके को सुरक्षित करेगा.
बता दें, नेतन्याहू आगामी चुनावों के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि वे 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में दोबारा जीतना चाहते हैं, लेकिन वे गाजा में रियायतों से नाराज दक्षिणपंथी मंत्रियों और अपने मुख्य सैन्य समर्थक ट्रंप के बीच फंसे हुए हैं, जो एक नए 15-सूत्रीय रोडमैप के साथ वहां संघर्ष खत्म करने की दिशा में प्रगति चाहते हैं.
इस बीच इजरायल ने सोमवार से गाजा में हमले कम कर दिए हैं, जब ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' के गाजा दूत निकोलाई म्लादेनोव, जो युद्धविराम की निगरानी करते हैं, उन्होंने नेतन्याहू से मुलाकात की थी.
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कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक में नेतन्याहू ने कहा, इजरायल 15-सूत्रीय दस्तावेज को स्वीकार नहीं करता है. सेना तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तक हमास के हथियार नहीं लिए जाते. इसका मतलब है भारी हथियार, हल्के हथियार, सभी तरह के हथियार. उन्होंने कहा कि इजरायल इस प्लान पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है.
बता दें, इजरायली अधिकारियों का कहना है कि जब तक हमास का पूरी तरह से आर्म्स सरेंडर नहीं होता, तब तक सैनिकों की वापसी का सवाल ही नहीं उठता. वहीं, ट्रंप ने वाशिंगटन में नेतन्याहू से मुलाकात के बाद कहा था कि इजरायल इस समझौते से खुश है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना था कि इस प्लान को लागू करना एक मुश्किल काम है.
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