असम में नहीं थम रहा बाढ़ का प्रकोप, मौत का आंकड़ा 100 के करीब, गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित

असम में बाढ़ का प्रकोप जारी है. इस भीषण आपदा के कारण अब तक 99 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1.47 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं. स्थिति सबसे अधिक गंभीर गोलाघाट में बनी हुई है.

Advertisement
12 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं. (फोटो- ITG) 12 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं. (फोटो- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. राज्य में इस साल बाढ़ से मरने वाले  लोगों की संख्या 99 हो चुकी है, वहीं 1 लाख 47 हजार से ज्यादा लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं. कई इलाकों में घर और सड़कें पानी की चपेट में हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं.

Advertisement

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, गोलाघाट जिले में एक और व्यक्ति की मौत हुई है, जिससे असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 99 पहुंच गया है.

यह भी पढ़ें: धनबाद के बाघमारा में भीषण भू-धंसान, जायजा लेने पहुंचे सांसद का ग्रामीणों ने किया विरोध

बता दें, राज्य के 12 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें सोनितपुर, नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराईदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और बिस्वनाथ शामिल हैं.

गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित

आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ की सबसे ज्यादा मार गोलाघाट में देखने को मिली है. जहां 61,735 लोग प्रभावित हैं. इसके बाद शिवसागर में 43,492 और जोरहाट में 24,283 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

हालांकी  शुक्रवार के मुकाबले  प्रभावित लोगों की संख्या में कमी जरूर आई है. शुक्रवार को 13 जिले बाढ़ की चपेट में थे और प्रभावित आबादी 1.55 लाख से ज्यादा थी.  

Advertisement

जिन इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी मौजूद है, वहां लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है जन जीवन को वापस पटरी पर लाना. बाढ़ के पानी ने घरों के साथ-साथ सड़कों और दूसरे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है. बाढ़ का बड़ा असर फसलों पर भी हुआ है.
 
बता दें कि उत्तराखंड में भी पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है. बारिश के कारण अलकनंदा और भागीरथी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर रहीं. भूस्खलन और मलबा आने के कारण कई सड़कें बंद हो गईं.

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भी बाढ़ का असर देखने को मिला है. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »