राफेल को लेकर फ्रांस की खुफिया रिपोर्ट से भड़का चीन, बोला- हम हथियारों के दलाल नहीं हैं!

हाल ही में फ्रांस की एक खुफिया रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने राफेट जेट की बिक्री को प्रभावित करने की कोशिश की थी. चीन को इस रिपोर्ट से मिर्ची लगी है और उसने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

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फ्रांसीसी खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि चीन ने राफेल की बिक्री को प्रभावित करने की कोशिश की (Photo- Reuters) फ्रांसीसी खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि चीन ने राफेल की बिक्री को प्रभावित करने की कोशिश की (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 6:23 PM IST

चीन ने फ्रांस की उस खुफिया रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने राफेल फाइटर जेट के खिलाफ प्रोपेगैंडा कैंपेन शुरू किया था. चीन के रक्षा मंत्रालय ने खुफिया रिपोर्ट को पूरी तरह से निराधार बताते हुए कहा है कि यह अफवाहों पर आधारित है जो चीन को बदनाम करती है.

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चीनी मंत्रालय ने कहा है कि चीन सैन्य निर्यात के लिए जिम्मेदार और विवेकपूर्ण नजरिया रखता है. क्षेत्रीय, वैश्विक शांति और स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाता है.

मंत्रालय की तरफ से कहा गया, 'चीन अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रक्षा उपकरण विकसित करता है - न कि हथियारों का दलाल बनने के लिए, न ही दूसरों को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर उठाने के लिए. इसके उलट, कुछ पश्चिमी नेता और मीडिया आउटलेट हर चीज को टकराव के चश्मे से देखने पर जोर देते हैं. यह अहंकार, दूसरों पर अपनी मानसिकता थोपना दिखाता है कि वो कितना असुरक्षित महसूस करते हैं.'

फ्रांसीसी खुफिया रिपोर्ट में ऐसा क्या था कि भड़क गया चीनी रक्षा मंत्रालय

फ्रांस की खुफिया रिपोर्ट में कहा गया कि 7 जून को हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद चीन ने राफेल जेट की बिक्री को प्रभावित करने की कोशिश की थी. इसके लिए चीन ने विभिन्न देशों में स्थित अपने दूतावासों का इस्तेमाल किया और संबंधित देशों को राफेज जेट खरीदने से रोकने की कोशिश की. रिपोर्ट में कहा गया कि जिन देशों ने फ्रांस से राफेल की डील की थी, उन्हें कहा गया कि राफेल उतने कारगर नहीं जितने कि चीन में बने फाइटर जेट इसलिए वो चीनी फाइटर जेट खरीदें.

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यह पूरी कहानी तब शुरू हुई जब चीन के दोस्त पाकिस्तान ने झूठा दावा कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद 7 जून से शुरू हुई भारत-पाकिस्तान की चार दिनों की लड़ाई में उसने तीन राफेल लड़ाकू विमान मार गिराए. लेकिन पाकिस्तान के इस झूठे दावे की उस वक्त हवा निकल गई जब खुद राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन ने सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कह दिया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है. 

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने भी पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया था. 

भारत के साथ लड़ाई में पाकिस्तान ने जमकर चीनी हथियारों का इस्तेमाल किया था. उसने भारत पर हमले के लिए चीन में बने जे-10सी फाइटर जेट्स और पीएल-15 मिसाइल जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया. भारत ने हालांकि, पाकिस्तान के हमलों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से नाकाम कर दिया था. 

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