पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके और कमरहाटी से टीएमसी विधायक मदन मित्रा को नगर निगम भर्ती घोटाले के कथित मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट(ED) ने समन भेजा है. उन्हें 29 जुलाई को सुबह 11 बजे कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है. इससे पहले ईडी ने उनकी पत्नी अर्चना मित्रा और दोनों बेटों, स्वरूप मित्रा और शुभरूप मित्रा को भी तलब किया था. ईडी सूत्रों के मुताबिक, तीनों को 22 और 23 जुलाई को बैंक से जुड़े दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
ईडी सूत्रों का दावा है कि कमरहाटी और टीटागढ़ नगरपालिकाओं में कई लोगों ने नकद और सोने की रिश्वत देकर नौकरी हासिल की थी.इसी मामले की जांच के तहत 13 जून को ईडी ने मदन मित्रा से जुड़े कई ठिकानों पर लंबी तलाशी ली थी और उनसे पूछताछ भी की थी.इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया. नगर निगम भर्ती घोटाले के इस मामले में नेता और पूर्व पार्षद सुजीत बोस को ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
ममता बनर्जी को लेकर दिया था बड़ा बयान
इस बीच,तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक मदन मित्रा ने हाल ही में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर भी बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी आज भी उनकी नेता हैं, लेकिन उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया और 27 महीने जेल में बिताए, उसी पार्टी में उनके भतीजे के लिए 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये निकाले गए.
मदन मित्रा ने कहा था कि उन्होंने ममता बनर्जी से एक महीने तक इस पर विचार करने और अभिषेक बनर्जी से टीएमसी के कामकाज में दखल नहीं देने के लिए कहने का निवेदन किया था. उनका कहना था कि जब तक पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से ज्यादा महत्व उनके भतीजे को दिया जाएगा, तब तक पार्टी की जरूरतें नहीं बदलेंगी और यहीं से राजनीतिक समीकरण बिगड़ गए.
अनिर्बन सिन्हा रॉय