10 हजार पेंशन, फ्री बस सेवा... इमरजेंसी में जेल गए लोगों को बंगाल सरकार का तोहफा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आपातकाल के दौरान जेल गए 325 लोगों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन, सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और 1 हजार रुपये की चिकित्सा सहायता देने का ऐलान किया है. अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके बलिदान को याद किया जाना चाहिए.

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आपातकाल में जेल गए 325 लोगों को 10 हजार पेंशन, इलाज की सुविधा देगी बंगाल सरकार. (File Photo: PTI) आपातकाल में जेल गए 325 लोगों को 10 हजार पेंशन, इलाज की सुविधा देगी बंगाल सरकार. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार(9 अगस्त) को आपातकाल के दौरान जेल गए 325 लोगों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्हें सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और चिकित्सा सहायता भी दी जाएगी.

आपातकाल के दौरान जेल गए इन लोगों को ‘पश्चिमबंगा लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ से सम्मानित करते हुए अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके बलिदान को याद किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इन बहादुर लोगों को काफी तकलीफें झेलनी पड़ीं और नई राज्य सरकार इन्हीं लोगों के आदर्शों पर खड़ी है.

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सरकार की ओर से चिन्हित 325 लोगों में से प्रत्येक को हर महीने 10 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी. उन्हें सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी मिलेगी. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए 1 हजार रुपये की चिकित्सा सहायता भी दी जाएगी. अगर किसी लाभार्थी की मौत हो चुकी है तो ये सुविधाएं उसके पति या पत्नी को दी जाएंगी. अधिकारी ने कहा कि सरकार सत्ता संभालने के 90 दिनों के भीतर अपना वादा पूरा कर रही है.

सीएम ने क्या कहा

25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में करीब 1 लाख लोगों को जेल में डाला गया था, जिनमें पश्चिम बंगाल के करीब 5 हजार लोग शामिल थे. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगी पाबंदियों का विरोध करने के लिए जेल गए लोगों ने देश में संसदीय लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

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अधिकारी ने कहा कि इन्हीं लोगों के संघर्ष ने उस सरकार की नींव रखी है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अतीत में राष्ट्रवाद, देशभक्ति और ‘सनातन’ संस्कृति को मिटाने की कोशिशों से बाहर निकालना जरूरी है. अधिकारी ने पिछली वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और बंगाल के इतिहास में राष्ट्रवाद के महत्व को कम किया.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर कई पहल करेगी और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराएगी. 13 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जो स्कूल की किताबों में मुखर्जी के विचारों और बंगाल के विभाजन के “सही इतिहास” को शामिल करने पर काम शुरू करेगी.

संविधान हत्या दिवस 

अधिकारी ने आपातकाल के समय के राजनीतिक कैदियों के संगठन लोकतंत्र सेनानी संघ के सदस्यों को भरोसा दिया कि सरकार भविष्य में उनके रचनात्मक सुझावों पर विचार करेगी. केंद्र की बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार 1975 में आपातकाल लगाए जाने की याद में 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है. बीजेपी शासित कई राज्यों ने भी आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को सम्मान और पेंशन दी है.

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