'बंदूक की नोक पर पति को धमकाया, पैसे ऑफर किए', RG कर केस में मृतका की मां का बड़ा आरोप

आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामल में एक नया खुलासा हुआ है. मृतका की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार पर खामोश रहने के लिए भारी दबाव बनाया गया था. रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि उनके पति को बंदूक की नोक पर धमकाया गया था और उन्हें पैसे भी ऑफर किए गए थे.

Advertisement
रत्ना देबनाथ ने जबरन वीडियो बनवाने का आरोप लगाया. (Photo- ITGD) रत्ना देबनाथ ने जबरन वीडियो बनवाने का आरोप लगाया. (Photo- ITGD)

अनिर्बन सिन्हा रॉय

  • कोलकाता,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:58 AM IST

आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म-हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है. मृतका की मां और पाणिहाटी से विधायक रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार पर खामोश रहने के लिए भारी दबाव बनाया गया था.

पानीहाटी में अपने दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए मृतका की मां ने आरोप लगाया कि जब उनकी बेटी का शव ग्रीन कॉरिडोर के जरिए घर लाया गया था, तब उनके पति को रसोई के बाहर बने गलियारे में ले जाया गया था. 

Advertisement

रत्ना देबनाथ ने बताया कि स्थानीय नेताओं निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी और तत्कालीन डीसी (नॉर्थ) की मौजूदगी में उन्हें पैसे ऑफर किए गए थे.

'बंदूक की नोक पर धमकाया'

रत्ना देबनाथ ने कहा, 'मेरे पति को चुप रहने के लिए बंदूक की नोक पर धमकाया गया था. वो इतने ज्यादा डर गए थे कि उन्होंने शुरुआत में मुझे इस बारे में कुछ नहीं बताया.'

दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होने दिया और दबाव में बनवाया वीडियो

मृतका की मां का ये भी कहना है कि परिवार ने निष्पक्ष जांच के लिए शव को सुरक्षित रखने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनका पूरा परिवार कई दिनों तक खौफ के साये में रहा. 

रत्ना ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें मीडिया से बात करने से रोका गया और जबरन एक ऐसा वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जो पहले से ही लिखकर तय किया गया था.

Advertisement

उन्होंने केंद्रीय एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जांच एजेंसी ने एक पीड़िता की मां के तौर पर उनका बयान दर्ज नहीं किया.

यह भी पढ़ें: आरजीकर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ पनिहाटी सीट से 28,836 वोटों से जीती

रत्ना देबनाथ ने आगे कहा कि न्याय अब मांगा नहीं जा रहा, बल्कि उसे हर हाल में 'छीनना' पड़ेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि उन्हें देश की न्यायपालिका और राज्य की नई सरकार उन्हें एक दिन इंसाफ जरूर दिलाएगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »