पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए रिपोलिंग में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की. इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'लोकतंत्र जीता, डर हारा' और फलता की जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया है. बीजेपी ने इस सीट पर टीएमसी को एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है, जबकि यह सीट लंबे समय से टीएमसी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है.
बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को इस चुनाव में 1,49,666 वोट मिले. उन्होंने सीपीएम के शंभु नाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के बड़े अंतर से हराया. सीपीएम को 40,645 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रही. कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. सबसे बड़ा झटका टीएमसी को लगा, जहां उनके उम्मीदवार जहांगीर खान सिर्फ 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत भी जब्त हो गई.
टीएमसी की जमानत जब्त, वोट शेयर में बीजेपी की लंबी छलांग
इस रिपोल में वोट प्रतिशत का गणित भी पूरी तरह बदल गया. बीजेपी का वोट शेयर साल 2021 के 36.75 प्रतिशत से सीधे बढ़कर 71.2 हो गया. वहीं, टीएमसी का वोट शेयर 57 प्रतिशत से गिरकर सिर्फ 3.7 प्रतिशत रह गया. पीएम मोदी ने इस नतीजे को बीजेपी पर जनता के भरोसे की जीत बताया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी.
यह सीट टीएमसी के लिए इसलिए भी बहुत अहम मानी जाती है क्योंकि यह डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है. 29 अप्रैल को मतदान के दौरान EVM से जुड़ी कुछ शिकायतें आई थीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने 21 मई को सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था.
यह रिपोल भारी सुरक्षा के बीच कराया गया. मतदान से ठीक पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से पीछे हटने की बात कही थी, हालांकि समय न होने के कारण उनका नाम EVM से हटाया नहीं जा सका. चुनाव के दौरान जमीन पर टीएमसी का प्रचार और उनकी सक्रियता भी न के बराबर दिखी. बीजेपी ने इस नतीजे को जनता का साफ और सीधा जनादेश बताया है.
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