24 घंटे में FIR अपलोड क्यों नहीं की? महुआ मोइत्रा ने खोला मोर्चा, X पर DGP को टैग कर कही ये बात

महुआ मोइत्रा के वकील अर्क कुमार नाग ने डायमंड हार्बर पुलिस को अवमानना का नोटिस भेजा है. आरोप है कि 1 सितंबर को दर्ज साइबर क्राइम एफआईआर 72 घंटे बाद भी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुई, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे में अपलोड करना अनिवार्य किया है.

Advertisement
एफआईआर अपलोड न करने पर महुआ मोइत्रा के वकील का पुलिस को अवमानना नोटिस (Photo: PTI) एफआईआर अपलोड न करने पर महुआ मोइत्रा के वकील का पुलिस को अवमानना नोटिस (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और डायमंड हार्बर पुलिस के बीच एफआईआर अपलोड न करने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. मोइत्रा के वकील अर्क कुमार नाग ने डायमंड हार्बर पुलिस जिले के अफसरों को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का नोटिस भेजा है. 

आरोप है कि 1 सितंबर 2026 को दर्ज साइबर क्राइम एफआईआर संख्या 15/26 को करीब 72 घंटे बाद भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया. यह मामला तब सामने आया जब इसी एफआईआर के सिलसिले में मोइत्रा को 10 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया.

Advertisement

मामले की शुरुआत तब हुई जब नदिया के कोतवाली थाने से श्रीजीब सिन्हा नाम के एक अफसर ने वकील नाग को फोन किया और बताया कि वे उनके कृष्णनगर स्थित घर पर 5 सितंबर की एक नोटिस देने पहुंचे हैं. यह नोटिस बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत लेडी सब इंस्पेक्टर संघीता घोष ने जारी की थी. नोटिस मिलते ही वकील ने डायमंड हार्बर पुलिस जिले के एफआईआर डाउनलोड सर्वर पर एफआईआर की कॉपी देखनी चाही, लेकिन वह वहां उपलब्ध नहीं थी.

यह भी पढ़ें: TMC सांसद महुआ मोइत्रा की सुरक्षा बढ़ेगी, अर्जी पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिए निर्देश

वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया बनाम भारत संघ मामले में साफ आदेश दिया है कि हर एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस की वेबसाइट पर डाली जानी चाहिए, कुछ अपवादों को छोड़कर. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 4 मई के बाद से पश्चिम बंगाल पुलिस या तो एफआईआर समय पर अपलोड नहीं कर रही या अधूरी और अस्पष्ट कॉपी डाल रही है, जिससे जांच में बुलाए गए लोगों को नुकसान होता है.

Advertisement

वकील ने पुलिस से तुरंत एफआईआर की पूरी और साफ कॉपी वेबसाइट पर डालने की मांग की है और कहा है कि जब तक ऐसा नहीं होता, मोइत्रा 10 सितंबर को पेश नहीं हो पाएंगी, हालांकि वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं. यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल और कलकत्ता हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के सचिव को भी भेजा गया है, जिसमें मामला चीफ जस्टिस के सामने रखने का अनुरोध किया गया है. मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर पुलिस पर सवाल उठाते हुए डीजीपी से कार्रवाई की अपील की है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »