तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को बांकुरा लोकसभा सांसद अरूप चक्रवर्ती के खिलाफ दर्ज केस खारिज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. लोकपाल द्वारा ये मामला गुण-दोष के अभाव में खारिज किया गया है, जिसके तीन महीने पहले अरूप चक्रवर्ती टीएमसी छोड़कर बागी एनसीपीआई गुट में शामिल हुए थे.
इसी बीच नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में हुई सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने एक अंतरिम आदेश जारी कर ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा पार्टी नाम और सिंबल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी.
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी के न्यू इंडिया के महान मशीन युग में स्वागत है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल होने वालों के लिए वॉशिंग मशीन तैयार रहती है, जबकि अपनी बात या विचाधार पर डटे रहने वालों के खिलाफ क्रशिंग मशीन चलने लगती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता बीजेपी के पाले में जाते हैं, उन्हें तुरंत राहत मिल जाती है.
दरअसल, हाल ही में लोकपाल ने बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती के खिलाफ मामले को योग्यता की कमी बताते हुए खारिज कर दिया. अरूप तीन महीने पहले टीएमसी छोड़कर बागी गुट में गए थे. इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 28 अगस्त की अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा था कि अरूप चक्रवर्ती के खिलाफ लगाए गए सभी छह आरोप अप्रमाणित रहे हैं. इसी पर अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
दोनों गुटों को मिला नाम सिंबल और नाम
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विवाद के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दोनों- ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और नए चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. आयोग के आदेश के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है.
वहीं, अरूप रॉय और ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम मिला है और उनके प्रत्याशियों को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की मंजूरी दी गई है.
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