धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर वाराणसी में छात्रों का जश्न, 'मेलोडी टॉफी' खिलाकर कराया मुंह मीठा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में छात्रों ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया. ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए छात्रों ने एक-दूसरे को लड्डू और मेलोडी टॉफी खिलाई. इस दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर छात्रों ने इसे अपनी जीत बताया.

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ढोल-नगाड़ों पर झूमे छात्र.(Photo: Roushan Kumar/ITG) ढोल-नगाड़ों पर झूमे छात्र.(Photo: Roushan Kumar/ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी छात्रों ने अनोखे अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की. छात्रों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया, मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे का मुंह मेलोडी टॉफी खिलाकर मीठा कराया.

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वाराणसी के मैदागिन इलाके स्थित श्री हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परिसर में छात्रों का जमावड़ा लगा. इस्तीफे की खबर मिलते ही छात्र जश्न में डूब गए. किसी के हाथ में लड्डू थे, तो कोई मेलोडी टॉफी बांट रहा था. कई छात्र बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर भी पहुंचे और इसे छात्रों की एक बड़ी जीत बताया.

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इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की. ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच छात्र जमकर झूमते नजर आए. पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया और छात्रों ने अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार किया.

'आज छात्रों की जीत हुई', बोले प्रदर्शनकारी छात्र

जश्न में शामिल छात्रों का कहना था कि यह दिन उनके लिए ऐतिहासिक है. उनका दावा था कि लंबे समय से छात्र अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी. अब इस्तीफे की खबर आने के बाद उन्हें लग रहा है कि उनकी आवाज को आखिरकार महत्व मिला है.

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छात्रों ने कहा कि वे इस घटनाक्रम को छात्रों की जीत के रूप में देख रहे हैं. उनका आरोप था कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही थी, लेकिन लगातार विरोध और दबाव के बाद यह स्थिति बनी.

जश्न के दौरान छात्रों ने नारेबाजी भी की और कहा कि यह आंदोलन छात्रों की एकजुटता का परिणाम है. कई छात्रों ने भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई.

मेलोडी टॉफी से मुंह मीठा कराने की बताई वजह

छात्रों के जश्न में सबसे ज्यादा चर्चा मेलोडी टॉफी की रही. मिठाई के साथ-साथ छात्रों ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफी खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बना रहा.

छात्रों ने कहा कि वे प्रतीकात्मक रूप से मेलोडी टॉफी इसलिए खिला रहे हैं क्योंकि, उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरों के दौरान मेलोडी टॉफी खिलाते नजर आए थे. उनका कहना था कि जब वहां ऐसा हो सकता है, तो आज उनके पास खुशी मनाने की अपनी वजह है.

हालांकि, छात्रों के इन बयानों और दावों को लेकर प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल वाराणसी में छात्रों के इस अनोखे जश्न की तस्वीरें और वीडियो चर्चा का विषय बने हुए हैं.

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