दीपावली करीब है. बाजारों में रंग-बिरंगी लाइटें सजने लगी हैं. मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है और पटाखों की खरीदारी की तैयारी चल रही है. लेकिन वाराणसी में इसी त्योहार से पहले पुलिस को एक रिहायशी कॉलोनी के मकान में पटाखों का ऐसा भंडार मिला कि मौके पर पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम को भी पहुंचना पड़ा.
मामला वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र की कुंज विहार रिहायशी कॉलोनी का है. यहां पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी की तो करीब 30 क्विंटल पटाखे बरामद हुए. पुलिस का कहना है कि मकान में इतनी बड़ी मात्रा में आतिशबाजी रखी गई थी, लेकिन उसके भंडारण से जुड़ा वैध लाइसेंस नहीं दिखाया जा सका. इसके बाद मौके पर मौजूद राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. बरामद पटाखों को भी जब्त कर लिया गया है.
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एक रिहायशी कॉलोनी के मकान में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे क्यों रखे गए थे? इन्हें कहां से लाया गया था और कहां भेजा जाना था? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे.
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कैंट थाना क्षेत्र की कुंज विहार कॉलोनी में एक मकान के अंदर बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए हैं. सूचना मिलने के बाद कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर छापेमारी की. इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद रही.
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तलाशी के दौरान मकान से करीब 30 क्विंटल पटाखों का स्टॉक मिला. पुलिस ने बताया कि ये बारूद से निर्मित आतिशबाजी थी. मौके पर राहुल गुप्ता मौजूद था. पुलिस ने उससे पटाखों के भंडारण के लिए जरूरी लाइसेंस दिखाने को कहा, लेकिन उसके पास कोई लाइसेंस नहीं मिला. इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने पटाखों को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है.
रिहायशी मकान में पटाखों का भंडार कितना खतरनाक?
30 क्विंटल यानी करीब 3,000 किलोग्राम... पटाखों का इतना बड़ा स्टॉक... जरा सोचिए, अगर इतनी आतिशबाजी किसी रिहायशी इलाके के मकान में रखी हो, तो आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल कितना अहम हो जाता है. पटाखों में ज्वलनशील और विस्फोटक मैटेरियल होता है. ऐसी चीजों को रखने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होता है. आग लगने की हालत में नुकसान सिर्फ उस मकान तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि आसपास की इमारतों और लोगों तक भी पहुंच सकता है. इस मामले में फायर ब्रिगेड की टीम भी छापेमारी के दौरान मौजूद थी.
दीपावली के आसपास पटाखों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों पर प्रशासन की निगरानी भी अहम हो जाती है. नियमों के मुताबिक, जहां जरूरी हो वहां लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना पड़ता है. बिना अनुमति के बड़ी मात्रा में आतिशबाजी रखना लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम हो सकता है.
आगे की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आतिशबाजी कहां से लाई गई थी, उसका इस्तेमाल या बिक्री कहां होनी थी और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं. एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक ने बताया कि पुलिस ने पटाखों को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
रोशन जायसवाल