उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 24 से 26 अक्टूबर तक नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का एयर शो होने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इसकी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. 25 अक्टूबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना है. बैठक में भीड़, ट्रैफिक, पार्किंग, सुरक्षा और जिलों के तालमेल पर जोर रहा.
गंगा किनारे बसी वाराणसी महादेव की नगरी है. जब यहां के आसमान में वायुसेना के विमानों की गर्जना गूंजेगी, तो देश की ताकत और काशी की सांस्कृतिक विरासत का अनोखा संगम दिखेगा.
बैठक में वायुसेना और वाराणसी के जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की जानकारी दी. दर्शक गैलरी, ग्रैंडस्टैंड, विशिष्ट मेहमानों की जगह, मीडिया एरिना, आने जाने के रास्ते और सुरक्षा जांच केंद्रों के इंतजाम बताए गए. नमो घाट और गंगा किनारे भारी भीड़ की उम्मीद है. इसलिए इलाकों को जोन और सेक्टर में बांटकर व्यवस्था संभालने की योजना बनी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों में भी एयर शो को लेकर काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं. इसलिए भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, पार्किंग और जोन के हिसाब से जगह की पहचान पहले से पक्की की जाए. दर्शकों के रास्ते साफ और आसान हों. हर इलाके में पीने का पानी, प्राथमिक उपचार, साफ सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों. उन्होंने प्रशिक्षित पुलिसकर्मी लगाने और हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश भी दिए.
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नमो घाट के साथ काशी के दूसरे बड़े घाटों और आसपास के इलाकों में भी लोग पहुंच सकते हैं. ऐसे में घाटों पर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, पार्किंग और जल व थल मार्ग से आवाजाही एक एकीकृत कार्ययोजना के तहत संभाली जाए. सुरक्षा और आपात इंतजामों का पहले से अभ्यास हो, ताकि जरूरत पड़ने पर सभी टीमें तुरंत मिलकर कार्रवाई कर सकें.
मुख्यमंत्री ने वाराणसी मंडल के सभी जिलों के डीएम में बेहतर तालमेल रखने को कहा, क्योंकि पड़ोसी जिलों से भी लोग आएंगे. वायुसेना, प्रशासन और सभी विभाग तय समय में तैयारियां पूरी करें, ताकि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले.
मंजीत नेगी