उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और एजुकेशन सिस्टम को मजबूत बनाने की कोशिशों में जुटी है. इसी कड़ी में योगी सरकार ने शैक्षिक सत्र शुरू होते ही करीब 1.18 करोड़ विद्यार्थियों की सीधी आर्थिक सहायता के लिए पेरेंट्स के बैंक अकाउंट्स में भेजी जा रही है.
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए तय रकम दी जा रही है.
अब सीधे अभिभावकों के बैंक अकाउंट्स में पैसा पहुंचने से बिचौलियों की दखलअंदाजी पूरी तरह खत्म हो गई है और व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से इस योजना के पहले चरण का शुभारंभ किया था. पहले चरण में लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में रकम भेजी गई. इसके बाद दूसरे चरण में 7.83 लाख और विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है.
सत्र की शुरुआत से ही मिल रहे जरूरी साधन
सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि बच्चों को सत्र की शुरुआत में ही सभी जरूरी सामान मिल जाए. यूनिफॉर्म, बैग और स्टेशनरी समय पर मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित होते हैं. इस पूरी प्रक्रिया की विभागीय स्तर पर लगातार ट्रैकिंग की जा रही है ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी छूटे नहीं.
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बच्चों को गरिमापूर्ण माहौल देना ही प्राथमिकता: संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि डीबीटी के सीधे भुगतान से पारदर्शिता और जवाबदेही बहुत मजबूत हुई है. सरकार का मकसद सिर्फ वित्तीय मदद देना नहीं, बल्कि हर बच्चे को समान और माहौल देना है. सरकार ये करने में जुटी है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई के रास्ते में रोड़ा न बने और सभी को समय पर सभी संसाधन मिल सकें.
आशीष श्रीवास्तव