उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में टीजीटी पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. छात्र अब पत्थर गिरजाघर धरना स्थल छोड़कर शिक्षा निदेशालय पहुंच गए हैं. यहां चार छात्र रामनामी ओढ़कर आमरण अनशन कर रहे हैं और खुद को मरा हुआ मानकर विरोध जता रहे हैं. उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से आए तमाम छात्र छात्राओं ने इनका साथ दिया और पूरी रात शिक्षा निदेशालय के बाहर धरने पर बैठे रहे.
दरअसल यह पूरा मामला टीजीटी पीजीटी भर्ती परीक्षा में लागू की गई नई नियमावली से जुड़ा है. छात्रों की मांग है कि सरकार पुरानी नियमावली को वापस लागू करे.
उनका कहना है कि नई नियमावली से उनके साथ अन्याय हो रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इसी मांग को लेकर 5 सितंबर से चार छात्र लगातार आमरण अनशन पर बैठे हैं. इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी सेहत को देखते हुए मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और चारों छात्रों की जांच की.
यह भी पढ़ें: कौन हैं IIT बॉम्बे के वो प्रोफेसर, जिन पर साहिल सुसाइड केस में लगा 'संगीन' आरोप? कभी खुद भी इसी कैंपस के थे छात्र
अनशन पर बैठे छात्रों ने रामनामी ओढ़ रखी है, जिसे आमतौर पर मृत्यु या बलिदान के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. छात्रों का कहना है कि जब तक पुरानी नियमावली लागू नहीं होती, तब तक उनका धरना इसी तरह जारी रहेगा, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े. साथ बैठे बाकी छात्र छात्राएं भी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि पुरानी नियमावली ही लागू की जाए, नई नियमावली उन्हें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है.
छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी और मांगें पूरी नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन और बड़ा रूप ले सकता है. उनका कहना है कि वे हर हाल में अपनी मांग मनवाकर रहेंगे. मौके पर मौजूद छात्रों ने यूपीतक से बातचीत में अपनी पीड़ा और मांगें विस्तार से साझा कीं.
पंकज श्रीवास्तव