यूट्यूबर संजय यदुवंशी पर शिकंजा: सुल्तानपुर में प्रदर्शन के दौरान उपद्रव और महापुरुषों के अपमान पर 3 नए मुकदमे दर्ज! सैकड़ों अज्ञात-नामजद लोग भी फंसे

सुल्तानपुर के यूट्यूबर संजय यदुवंशी और उनके समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन के दौरान अराजकता फैलाने का आरोप लगा है. संजय समेत दर्जनों लोगों पर डॉ. आंबेडकर का चित्र फाड़ने, महापुरुषों की मूर्तियों के अपमान और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 3 नए गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए हैं. दरअसल, संजय और उनके हजारों समर्थकों ने बीते दिन विशाल प्रदर्शन किया था. इसे 'शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर देखा गया जिसमें अराजकता का आरोप लगा.

Advertisement
सुल्तानपुर के यूट्यूबर संजय यदुवंशी (Photo- FB/SanjayYaduvanshi) सुल्तानपुर के यूट्यूबर संजय यदुवंशी (Photo- FB/SanjayYaduvanshi)

नितिन श्रीवास्तव

  • सुल्तानपुर,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:49 AM IST

यूपी के सुल्तानपुर में कल यानी शुक्रवार को यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर संजय यदुवंशी और उसके समर्थकों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया लेकिन इस दौरान इलाके में अराजकता फैल गई. जो अब संजय और उनके समर्थकों को भारी पड़ गया है. संजय यदुवंशी और उनके समर्थकों द्वारा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के चित्र को फाड़कर फेंकने और उस चित्र को पैरों तले कुचलने, महापुरुषों की मूर्तियों के साथ अमर्यादित आचरण करने व लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं. इनमें एक मामले में संजय यदुवंशी समेत 12 नामजद और 25 अज्ञात,  दूसरे मामले में संजय यदुवंशी समेत 250 अज्ञात और तीसरे मामले में संजय समेत 4 अन्य नामजद लोगों पर केस दर्ज हुआ है.

Advertisement

दर्ज मुकदमों के मुताबिक, नगर कोतवाली क्षेत्र के करौदिया निवासी सुभाष सोनकर ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 9 अक्टूबर को सुबह लगभग 11:00 बजे तिकोनिया पार्क में एक धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम के दौरान संजय यदुवंशी (निवासी थाना- धम्मौर) अंबुज यादव, शाहजहां पठान और अनिल सहित कई अन्य लोग मौजूद थे. उक्त व्यक्तियों द्वारा भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के चित्र को फाड़कर हवा में उड़ाया गया, सड़क पर फेंका गया तथा उसे पैरों तले कुचला गया. इस कृत्य से अनुसूचित जाति/जनजाति समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. फिलहाल, पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर इस मामले की जांच सीओ को सौंपी है.

वहीं, दर्ज दूसरे मामले के मुताबिक नगर पालिका परिषद के लिपिक/तिकोनिया पार्क के प्रभारी सुशील कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया है. इसके अनुसार, 9 अक्टूबर को संजय यदुवंशी अपने 200 से 250 समर्थकों के साथ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में तिकोनिया पार्क में आंदोलन/धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान उग्र समर्थकों द्वारा तिकोनिया पार्क की बाउन्ड्रीवाल, स्वामी विवेकानंद पार्क में स्थित स्टेनलेस स्टील से बनी बाउन्ड्री और गेट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया. पार्क में लगी लोहे/स्टील की जाली को भी तोड़ दिया गया. नगर पालिका प्रशासन के आंकलन के अनुसार, इस उपद्रव और तोड़फोड़ से स्थल पर लगभग ₹2.50 लाख की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सौंपी है.

Advertisement

वहीं, तीसरा मामला संस्था भारत विकास परिषद (शाखा सुल्तानपुर) के अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा की तहरीर पर दर्ज हुआ है. दी गई तहरीर में आरोप है कि, 9 अक्टूबर को दोपहर लगभग 12 बजे यूट्यूबर संजय यदुवंशी (निवासी धम्मौर, जिला सुल्तानपुर) के नेतृत्व में बिना प्रशासनिक अनुमति के सैकड़ों समर्थकों की भीड़ तिकोनिया पार्क में इकट्ठा हुई. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने स्वामी विवेकानंद जी और भारत रत्न राजीव गांधी जी की प्रतिमाओं पर चढ़कर उनका अनादर किया तथा तोड़फोड़ की. परिसर में लगे 'ओम' व 'स्वास्तिक' के धार्मिक चिन्हों और पार्क के गेट व रेलिंग को तोड़कर फेंक दिया, जिससे धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत हुईं. डॉ. बी.आर. आंबेडकर की फोटो को फाड़कर फेंक दिया और देश की महान विभूतियों का अपमान करते हुए नारेबाजी की गई. पार्क के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे आम जनता और स्कूली बच्चों को भारी आवागमन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा. इस मामले का मुकदमा दर्ज कर इस केस की भी जांच उप-निरीक्षक सुनील कुमार को सौंपी गई है.

आपको बता दें कि कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में एक युवक खान बाबा पर सितंबर में जानलेवा हमला हुआ था. जिसमें कोतवाली नगर में केस दर्ज हुआ था. सोमवार रात धम्मौर पुलिस ने इस मामले में वांछित संजय यदुवंशी की तलाश में उसके घर दबिश दी थी. इस दौरान संजय के भाई-पिता और परिजनों पर पुलिस से अभद्रता का आरोप लगा. पिता सियाराम का हाथ में ईंट- पत्थर लिए वीडियो सामने आया था. 

Advertisement

जबकि, संजय के परिजनों ने पुलिस पर दीवार फांदकर घर में घुसने, गाली गलौज करने का आरोप लगाया था. इसका भी वीडियो सामने आया था. खुद अखिलेश यादव ने इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए थे. 

दावा किया गया कि बीते गुरुवार को इसी मामले में संजय ने जिला न्यायालय से अंतरिम बेल ले लिया. 13 अक्टूबर को उसे कोर्ट में पेश होना है. फिर शुक्रवार को उसने शहर के तिकोनिया पार्क में पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया जिसमें हजारों लोग उमड़े. इस दौरान अराजकता का आरोप लगा. इसमें कई जिले के यूट्यूबर्स और इंफ्लुएंसर्स शामिल हुए थे. लगभग 4 घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद इन लोगों द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से डीएम को चार सूत्रीय मांग पत्र दिया गया. इसमें धम्मौर एसओ समेत घर में घुसने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने, कोतवाली नगर में संजय पर दर्ज केस में पुनर्विवेचना करने, वादी शबीब रजा पर एफआईआर और संजय पर दर्ज पूर्व के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »